दो लाख से ज्यादा संपत्तियों को अबतक एमसीडी ने जियो टैग किया है। करीब 15 लाख संपत्तियों का जियो टैग करने का लक्ष्य है। निगम ने दिसम्बर में काम शुरू किया और पहले हफ्ते में करीब 20 हजार संपत्तियों को जियो टैग करने में सफलता हासिल की। लेकिन फिर ये काम धीमा पड़ा और काम को पूरा करने की आखिरी तारीख निगम को करीब एक महीने आगे बढ़ानी पड़ी। 29 फरवरी आखिरी तारीख है। लेकिन जिस गति से जियो टैगिंग का काम चल रहा, उस हिसाब से निगम को फिर से आखिरी तारीख बढ़नी पड़ेगी।
एमसीडी ने पहले दिल्ली की सारी संपत्तियों को जियो टैग करने के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की थी। पहले 50 दिन में 15 लाख संपत्तियों को जियो टैग होना था। इनमें से करीब 4 लाख व्यावसायिक संपत्तियों को पहले टैग होना था। लेकिन करीब 70 दिन बीत जाने के बाद भी तय लक्ष्य का करीब 13 फीसदी संपत्तियों की जियो टैगिंग हुई है।
खुद करें अपनी संपत्ति की जियो टैगिंग
लोग अपने मोबाइल से खुद आसानी से यूनिक व प्रॉपर्टी नंबर के जरिए जियो टैगिंग कर सकते हैं। मौजूदा समय जियो टैगिंग करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि टैगिंग करने वाली संपत्तियों को ही निगम की योजना के तहत संपत्तिकर में छूट मिलेगी। संपत्तियों की जियो टैगिंग करने पर करदाताओं को प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।