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दिल्ली: नकली वेबसाइट बनाकर दिल्ली मेट्रो में नौकरी दिलाने वाला पकड़ा गया गैंग, कॉल सेंटर में ली थी ठगी की क्लास

Thu, 21 Apr 2022 10:54 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

उत्तरी जिला साइबर सेल पुलिस ने फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को नौकारी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग को पकड़ा है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार है। पुलिस ने इनके पास से 106 फर्जी सिम, मोबाइल, कार आदि बरामद की है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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दिल्ली में उत्तरी जिला साइबर सेल पुलिस ने डीएमआरसी की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने एक नकली सिम विक्रेता समेत तीन आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 106 सिम कार्ड, नौ मोबाइल फोन, टैब, कई डेबिट व क्रेडिट कार्ड समेत अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और एक नई टाटा सफारी कार बरामद की है। शुरुआती जांच में पता चला कि एक आरोपी नितिन ने डीएमआरसी का एक फर्जी वेबसाइट बनाई और फेसबुक पर एक पेज बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने के बहाने झांसे में लेता था।

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जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर 117 नोएडा निवासी नितिन, सेक्टर 63 नोएडा निवासी सुमंत और अशोक नगर निवासी शाहनवाज के रूप में हुई है। गृह मंत्रालय की क्राइम पोर्टल के जरिए शास्त्री नगर निवासी भूपेंद्र सिंह की शिकायत साइबर थाने में मिली। जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वह दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के खाली पदों का विज्ञापन फेसबुक पर देखा था। फेसबुक पर दिए लिंक पर क्लिक करने पर उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर से एक मैसेज मिला। जिसमें दिल्ली मेट्रो रेल वेबसाइट का लिंक था। शिकायतकर्ता ने वेब फॉर्म पर अपना विवरण भर दिया और 49 रुपये पंजीकरण शुल्क देने के लिए डेबिट कार्ड का विवरण भी अपलोड किया। ओटीपी भरने के बाद उसके बैंक खाते से 19 हजार रुपये कट गए। इसी तरह मोती बाग निवासी आकाश ने ठगी की गई थी। मामला दर्ज कर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन तोमर की टीम ने जांच शुरू की। 

पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। कॉल डाटा और बैंक खाते के विवरण की जांच में पता चला कि आरोपी नोएडा यूपी से काम कर रहा है। टीम ने नोएडा में छानबीन कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नितिन ने बताया कि वह नोएडा के विभिन्न कॉल सेंटरों में काम कर चुका है। जहां से उसने गेल, भेल, ओएनजीसी और डीएमआरसी आदि में नौकरी देने का झांसा देकर ठगी करने के तरीके सीखे।

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ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार
आरोपी ने डीएमआरसी में नौकरी के अवसरों के लिए एक फेसबुक पेज बनाया और फेसबुक पेज पर अपने फर्जी व्हाट्सएप नंबर का लिंक अपलोड कर दिया। पीड़ित के फेसबुक पेज पर क्लिक करते ही वह उसके व्हाट्सएप पर पहुंचते थे। जहां से पीड़ितों को एक स्वचालित मैसेज मिलता था। जिसमें फर्जी डीएमआरसी वेबसाइट का लिंक होता था। पीड़ित अपना विवरण वेबसाइट पर अपलोड करते थे। जिसमें उनसे पंजीकरण शुल्क के लिए 49 रुपये मांगे जाते थे। जिसमें पीड़ितों के डेबिट व क्रेडिट कार्ड विवरण भी शामिल थे। ओटीपी और कार्ड विवरण प्राप्त करने के बाद वह उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे। जांच में पता चला कि आरोपी सुमंत व शाहनबाज नितिन को फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करता था। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि नितिन पर फरीदाबाद हरियाणा में ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी से पांच मामले सुलझाने का दावा किया है।
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