ऐसे लोगों को बनाते थे शिकार
आरोपी ने डीएमआरसी में नौकरी के अवसरों के लिए एक फेसबुक पेज बनाया और फेसबुक पेज पर अपने फर्जी व्हाट्सएप नंबर का लिंक अपलोड कर दिया। पीड़ित के फेसबुक पेज पर क्लिक करते ही वह उसके व्हाट्सएप पर पहुंचते थे। जहां से पीड़ितों को एक स्वचालित मैसेज मिलता था। जिसमें फर्जी डीएमआरसी वेबसाइट का लिंक होता था। पीड़ित अपना विवरण वेबसाइट पर अपलोड करते थे। जिसमें उनसे पंजीकरण शुल्क के लिए 49 रुपये मांगे जाते थे। जिसमें पीड़ितों के डेबिट व क्रेडिट कार्ड विवरण भी शामिल थे। ओटीपी और कार्ड विवरण प्राप्त करने के बाद वह उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे। जांच में पता चला कि आरोपी सुमंत व शाहनबाज नितिन को फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करता था। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि नितिन पर फरीदाबाद हरियाणा में ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी से पांच मामले सुलझाने का दावा किया है।