खरीदकर पी रहे हैं पानी
गांववासियों का कहना है कि गांव में पीने का स्वच्छ पानी का अभाव है। यहां ज्यादातर लोग खरीदकर पानी पीने के लिए मजबूर हैं। चर्चा के दौरान गजेंद्र सिंह बबली ने कहा कि गांव यमुना नदी के पास है। गांव की काफी जमीन यमुना में खराब भी हो गई, लेकिन गांव में पर्याप्त पीने का पानी नहीं है। पानी की समस्या के लिए कई बार प्रशासन को बोला जा चुका है, लेकिन समस्या हल नहीं हो पाई।
रिकार्ड से गायब है दो हजार बीघा से अधिक
जमीन : कार्यक्रम के दौरान गांववालों ने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जगतपुर गांव के निवासियों ने कहा कि गांव की 117 खसरे की जमीन मिसिंग हैं। इसमें करीब दो हजार बीघा जमीन है। प्रशासन ने इस जमीन को अपने रिकार्ड में दर्ज नहीं किया है।
सभी जिलों के गांवों में रुके डीएम
रविवार को उत्तर जिले के डीएम यश चौधरी पल्ला गांव में, दक्षिणी दिल्ली की डीएम मेकाला चैतन्य प्रसाद फतेहपुर बेरी गांव में, दक्षिण पूर्व की डीएम ईशा खोसला पुल प्रहलादपुर गांव में, नई दिल्ली के डीएम संतोष कुमार राय समालखा गांव में, दक्षिण-पश्चिम के डीएम लक्ष्य सिंघल खेड़ा डाबर गांव में, पश्चिमी दिल्ली के डीएम किन्नी सिंह बापरोला गांव में, उत्तर-पूर्वी की डीएम अरुण मिश्रा बाक़ियाबाद में रुके और समस्या सुनी।