एफएसएसएआई ने रैंकिंग ईट राइट डिस्ट्रिक्ट चैलेंज के आधार पर तय की है। इसमें शामिल जिलों में खाने की गुणवत्ता, मिलावट, दुकानों की साफ-सफाई, एफएसएसएआई लाइसेंस, जिले में पंजीकरण की बढ़ती संख्या समेत दूसरे मानकों का आकलन किया गया। इसके लिए 200 अंक तय किए गए थे।
तमिलनाडु का कोयंबटूर 98 फीसदी अंक लेकर पहले स्थान पर रहा। एनसीआर के शहरों में उत्तरी दिल्ली 85 फीसदी अंकों के साथ 14वें स्थान पर है, जबकि 75 फीसदी अंकों के साथ उत्तर-पश्चिम व दक्षिण जिले 30वें व 31वें स्थान पर रहे। इसके अलावा 73 फीसदी अंकों के साथ दक्षिण-पूर्व व पश्चिम जिले 32वें व 34वें, 72 फीसदी अंकों के साथ दक्षिण-पश्चिम व नई दिल्ली 38वें व 39वें, 71 फीसदी अंकों के साथ मध्य दिल्ली 40वें, 63 फीसदी अंकों के साथ पूर्वी दिल्ली 53वें, 55 फीसदी अंकों के साथ शाहदरा 64वें व 42 फीसदी अंकों के साथ उत्तर-पूर्वी जिला 80वें स्थान पर रहा।
अव्वल आने का प्रयास रहेगा
रैंकिंग के बारे में खाद्य सुरक्षा आयुक्त नेहा बंसल ने बताया कि दिल्ली के फूड इको-सिस्टम में तेजी से सुधार हुआ है। इस साल विभागों और हितधारकों ने आपसी तालमेल के साथ कई काम किए। इससे खाने की गुणवत्ता में सुधार आया है। आयुक्त ने यकीन जताया कि आने वाले समय में दिल्ली और भी बेहतर करेगी। कोशिश इस प्रतियोगिता में अव्वल आने की है।
चलाया गया था जागरूकता अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिल्ली के सभी जिलों में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया। 50 से अधिक लाइसेंसिंग और पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए। बाजार संघों के साथ बैठक की गई। स्कूली बच्चों व अन्य माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान चलाया। इसमें नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
एनसीआर के जिले 100 के बाद
खाने की गुणवत्ता को लेकर की गई जांच में एनसीआर के जिले 100वीं रैंक के पार रहे। सबसे इनमें सबसे आगे नोएडा 135वें स्थान पर रहा जबकि पलवल 162वें, चरखी दादरी 218वें व गुरुग्राम 241 वें स्थान पर रहा।