एम्स की बन रही नई बिल्डिंग में 50 ग्राम की डिवाइस से करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी एम्स की बिल्डिंग बना रहे दीपक बिल्डर को चपत लगा रहे थे। चंडीगढ़ और सीएफएसएल की टीम ने मौके पर खुलासा किया तो हौजखास थाना पुलिस ने मामला दर्जकर दो ट्रांसपोर्टरों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दीपक बिल्डिंग इंजीनियर्स एम्स की नई बिल्डंग बना रहा है। दीपक इस कंपनी के मालिक है। एम्स की बिल्डिंग बनाने का काम करीब डेढ़ वर्ष से चल रहा है। बिल्डिंग बनाने के लिए लोहे व अन्य सामग्री को तौलने के लिए कांटा लगा रखा है। जब भी लोहा और सरिया आता था तो उसे कांटे पर तोला जाता था।
बिल्डर दीपक को लोहा के कम आने का संदेह हुआ। इसकी जांच के लिए उसने चंडीगढ़ से इंजीनियर की टीम को बुलाया। टीम ने बताया कि बिल्डिंग बनाने के लिए लोहा कम आ रहा है। बिल्डर दीपक ने इसकी शिकायत हौजखास थाना पुलिस को की। मामला दर्जकर हौजखास थानाध्यक्ष ओपी लेखवाल की देखरेख में एसआई विक्रम कुमार, एएसआई रीतेश, प्रवीण व प्रदीप की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने जांच के बाद सामान तौलने वाले कांटे के ऑपरेटर अनुराग, ट्रक ड्राइवर नासिर और ट्रांसपोर्टर राजेश व विकास को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि कांटे का ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टर व ट्रक ड्राइवर आपस में मिले हुए हैं। ट्रक ड्राइवर अगर ओखला स्थित टाटा स्टील से 1000 टन लोहा लाता था तो चालक, ट्रांसपोर्टर 1000 टन में से 200 टन लोहे को रास्ते में उतार कर कहीं बेच देते थे। लोहा जब एम्स में आता था और उसे कांटे पर तोलते थे तो वे एक डिवाइस के जरिये 800 टन लोहे को 1000 टन दिखा देते थे।
डिवाइस ऐसी है कि उससे जितना वजन बढ़ाना चाहो वह बढ़ जाता था। पुलिस ने सीएफएसएल की टीम को जांच के लिए मौके पर बुलाया तो पता लगा कि डिवाइस के जरिये वजन बढ़ाया जाता था। आरोपी करीब डेढ़ वर्ष से ऐसा कर रहे थे। वे बिल्डर को करोड़ों का चपत लगा चुके हैं। पुलिस आरोपियों के और साथियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने डिवाइस, ट्रक, कई टन लोहे का सरिया और कांटे को जब्त कर लिया है।