कविनगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को एक फर्जी महिला दरोगा को गिरफ्तार किया है। हैरत की बात यह है कि फर्जी दरोगा अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर तीन दिन से पुलिस लाइन में रुकी हुई थी। आमद न कराने पर अन्य महिला पुलिसकर्मियों को शक हुआ तो मामला कप्तान तक जा पहुंचा। पीएनओ नंबर व आई कार्ड न दिखा पाने पर सख्ती से पूछताछ की तो फर्जीवाड़ा खुल गया।
जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामला फर्जी नियुक्ति से जुड़ा है। उक्त युवती एक युवक के संपर्क में थी, जिसने पुलिस में दरोगा की नौकरी लगवाने का वादा किया था। उसी ने युवती को गाजियाबाद पुलिस लाइन में आमद कराने के लिए भेजा था।
तीन दिन पहले गाजियाबाद पुलिस लाइन में एक वर्दीधारी दरोगा पहुंचीं। उसने बताया कि उसकी पोस्टिंग विजयनगर थाने में हुई है और आवास का इंतजाम होने तक पुलिस लाइन में रहेगी। असली दरोगा समझकर पुलिस लाइन के अधिकारियों ने ठहरने के लिए उसे महिला बैरक में जगह दे दी। लेकिन, आमद न कराने पर साथी महिला पुलिसकर्मियों को उस पर शक हो गया।
मामला पहले पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) और फिर कप्तान के पास जा पहुंचा। कप्तान ने कविनगर पुलिस को जांच-पड़ताल के निर्देश दिए। सीओ द्वितीय आतिश कुमार ने बताया कि पूछताछ में फर्जी दरोगा की पहचान प्रभजोत कौर (20) निवासी मनु नगर थाना बिलासपुर (रामपुर) के रूप में हुई है। उसने पुलिस लाइन में बताया कि वह जिले में अभी आयी है और विजयनगर थाने में उसे तैनाती मिली है।
मुरादाबाद में ट्रेनिंग व बुंदेलखंड में तैनाती बताई
कविनगर एसएचओ अनिल कुमार शाही ने बताया कि फर्जी दरोगा ने बताया कि उसकी ट्रेनिंग पीटीएस मुरादाबाद में हुई थी। इसके बाद वह बुंदेलखंड व सिविल लाइन मुरादाबाद में तैनात रही है। फिलहाल उसे तैनाती विजयनगर थाने में तैनाती मिली है। एसएचओ ने बताया कि उक्त युवती पीएनओ नंबर नहीं बता सकी और न ही आई कार्ड दिखा सकी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने फर्जीवाड़ा स्वीकार कर लिया।
फर्जी महिला दरोगा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी युवती मुरादाबाद की रहने वाली है। वह पुलिस लाइन में क्यों और किस मकसद से रुकी थी, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामला फर्जी नियुक्ति से जुड़ा है।
- श्लोक कुमार, एसपी सिटी