दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए एएटीएस प्रभारी उमेश यादव की देखरेख में एएसआई अनिल कुमार और हवलदार संदीप की टीम गठित की गई। टीम ने लूट व चोरी के मोबाइल फोनों को सर्विलांस पर डाला। कई महीने की जांच के बाद पुलिस टीम ने गिरोह सरगना अंकुर गुप्ता को दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से 68 मोबाइल फोन और तीन साफ्टवेयर बरामद किए गए।
आरोपी अंकुर की पहले करोल बाग में मोबाइल की दुकान थी और उसे मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलना आता था। पूछताछ के बाद उसे चोरी व लूट के मोबाइल देने वाले तीन आरोपियों मिथुन, सारांश सागर उर्फ गोविंदा और अकिल को गिरफ्तार कर लिया।
अंकुर ने बताया कि वह तीनों आरोपियों से व्हाट्सएप पर बात कर उनसे चोरी व लूट के मोबाइल लेता था। ये आरोपी जेबतराशों व बदमाशों से लूट व चोरी के मोबाइल लेते थे। इसके बाद अंकुर मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलकर बिहार होकर नेपाल भेज देता था। पकड़े गए आरोपियों में विवेक विहार इलाके के घोषित बदमाश मिथुन है। उसके खिलाफ 48 मामले दर्ज हैं। सारांश के खिलाफ छह, अकिल के खिलाफ चार और अंकुर के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से लूट व चोरी के 11 मामलों को सुलझाने का दावा किया है।