एनआरएचएम घोटाला प्रकरण में फंसे यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और विधायक आरपी जायसवाल की मुसीबत बढ़ गई है।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह की अनुमति मिलने के बाद प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) अब इन दोनों ‘माननीयों’ के बयान दर्ज करेगा।
मंगलवार को ईडी के डिप्टी लीगल एडवाइजर सुरेश बत्रा गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने सीबीआई विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह की कोर्ट में अर्जी देकर बाबू सिंह कुशवाहा और आरपी जायसवाल के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी।
लीगल एडवाइजर का कहना था कि एनआरएचएम के दोनों आरोपियों के खिलाफ ईडी में मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज है। पूर्व विधायक आरपी जायसवाल की साढे़ 27 करोड़ की संपत्ति अब तक विभाग जब्त कर चुका है।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति ईडी को दे दी है। बता दें कि बाबू सिंह कुशवाहा और आरपी जायसवाल वर्तमान में एनआरएचएम घोटाले के आरोप में डासना जेल में बंद हैं।