कांग्रेस विधानसभा की हर सीट पर भाजपा और आम आदमी पार्टी की काट ढूंढने में जुटी है। इसके लिए पार्टी ने आंकड़ों का विश्लेषण किया है। आंकड़ों से यह साफ हुआ है कि विधानसभा के मुकाबले लोकसभा चुनाव में भाजपा के वोट 35 विधानसभाओं में बढ़े हैं।
भाजपा को ज्यादा बढ़त मध्य वर्ग वाली सीटों पर मिली है। वहीं आप के वोट भी 35 विधानसभाओं में बढ़े हैं, जहां कांग्रेस को नुकसान अधिक हुआ है। इनमें ऐसी सीटें ज्यादा हैं जो मुस्लिम बहुल हैं। यही वजह है कि हर सीट पर रणनीति बनाई जा रही है।
कांग्रेस के विश्लेषक बताते हैं कि भाजपा को जिन 35 सीटों पर लोकसभा चुनाव में बढ़त मिली है, उनमें आम आदमी पार्टी के वोट में बदलाव हुआ है। रोहिणी, शालीमार बाग, शकूरबस्ती, नई दिल्ली, ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, कस्तूरबा नगर, हरिनगर में 10-24 फीसदी तक वोट घटे। ये सीटें मध्य वर्ग बहुल हैं। इन 35 सीटों पर कांग्रेस के 10-17 फीसदी तक वोट घटे हैं। पार्टी को विश्वास नगर और लक्ष्मी नगर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
आप ने छीनी कांग्रेस की सीटें
आम आदमी पार्टी जिन 35 सीटों पर बढ़ी है, वहां ज्यादा नुकसान कांग्रेस को हुआ है। यही वजह है कि कांग्रेस इन सीटों पर वापसी करके भरपाई की कोशिश ज्यादा कर रही है। कांग्रेस की जीती हुई सीट सीलमपुर में सबसे अधिक 32 फीसदी वोट आप के बढ़े, जबकि सुल्तानपुर माजरा, ओखला, मुस्तफाबाद, बल्लीमारान, बादली, गांधी नगर और चांदनी चौक में 27 फीसदी से आठ फीसदी तक आप केवोट बढ़े हैं।
ये सारी सीटें अल्पसंख्यक या अनुसूचित जाति बहुल हैं। हालांकि बुराड़ी, तिमारपुर, मंगोलपुरी, कालकाजी, सीमापुरी में आप विधायक होने के बावजूद लोस चुनाव में पांच फीसदी से भी कम वोट बढ़े। कांग्रेस के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट बढ़ेंगे।
भाजपा जिन सीटों पर बढ़ी वहां कांग्रेस के मुकाबले आम आदमी पार्टी के वोट घटे हैं। रणनीतिकारों का दावा है कि आप के वोट इस बार छिटकेंगे। पिछले चुनाव में नया होने का आप को फायदा मिला था। अब विश्वास घटा है। उससे कांग्रेस को फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर आप को ही सबसे ज्यादा नुकसान होगा।