सुपरटेक के नोएडा सेक्टर 93-ए स्थित एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के दो टावर गिराने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के बाद फ्लैट बुक कराने वालों में भारी नाराजगी है।
फ्लैट बुक कराने वालों ने पहले नोएडा के सेक्टर 93-ए पर जाकर प्रदर्शन किया। वे सुपरटेक और नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। साइट पर कंपनी के किसी अधिकारी को ना पाकर लोगों में और गुस्सा हो गए।
फ्लैट बुक कराने वाले लोगों ने कहा कि हमने अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई इसमें लगाई है, अब जब बिल्डिंग गिरा दी जाएगी तो हमारा क्या होगा? हमने यहां घर रहने के इरादे से बुक कराई थी। हमें पैसा वापस नहीं चाहिए। हम पैसा लेकर क्या करेंगे।
अब ये सभी लोग नोएडा के सेक्टर-58 स्थित सुपरटेक के ऑफिस में पहुंच कर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
सेक्टर 93-ए स्थित एमरॉल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के दोनों टावरों में करीब 905 फ्लैट हैं। इस मामले में कंपनी ने कानून उपाय तलाशने शुरू कर दिए हैं। सुपरटेक के सीएमडी आरके अरोड़ा का कहना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित प्रोजेक्ट के दो टावरों को गिराने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
अगर इस तरह का कोई आदेश मिलता है, तो कंपनी उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। अरोड़ा का दावा है कि इस प्रोजेक्ट में हो रहा निर्माण वैध है और नोएडा अथॉरिटी से स्वीकृत है।
कंपनी का कहना है कि ये दोनों टावर 37-37 फ्लोर के हैं। इनमें से एपेक्स टावर में 32 फ्लोर और सियाने टावर में 30 फ्लोर का निर्माण पूरा हो चुका है। अवैध निर्माण से जुड़े इस मामले में टावर गिराने के अलावा कंपनी पर निवेशकों को पैसा 14 फीसदी ब्याज सहित लौटाने और कानून कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है।