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पांच दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन; दूसरे दिन बौद्धिक सत्र में लोगों को किया गया जागरूक

Tue, 22 Oct 2024 08:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

प्रीम कोर्ट आफ इंडिया के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने कहा की सभी को गो माता की सेवा के लिए अपना योगदान देना चाहिए। जैसे प्रभु राम की कथा होती है अब उसी प्रकार हमें राष्ट्र कथा आहुत करनी चाहिए।
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Shri Vidya Koti Kumkumarchan Mahayagya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिविल लाइंस में स्वामी सदानंद सरस्वती वेदांती जी महाराज जन्मशताब्दी समारोह के अवसर पर विश्वशांति और लोक कल्याण के ध्येय से पांच दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ द्वितीय दिवस को भी पूरे विधिविधान से आयोजित हुआ। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति आर महादेवन, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह एवं अन्य लोगों ने दीप जलाकर कर द्वितीय दिवस के बौद्धिक सत्र का शुभारंभ किया।

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स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की राष्ट्र सर्वोपरि है और इसी भाव से हम सबको मिलकर काम करना है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सभी लोगों को धर्म के दिखाए हुए मार्ग पर चलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने कहा की सभी को गो माता की सेवा के लिए अपना योगदान देना चाहिए। जैसे प्रभु राम की कथा होती है अब उसी प्रकार हमें राष्ट्र कथा आहुत करनी चाहिए। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के न्यायमूर्ति आर महादेवन भी उपस्थित रहे। महायज्ञ में पांच दिनों तक सुहासिनी महिलाओं, युवाओं, छात्रों के द्वारा श्री ललिता सहस्त्रनाम के 1000 मंत्रों का 1 करोड़ बार पाठ किया जा रहा है। कुमकुम के द्वारा माता ललिता की पूजा-अर्चना की जा रहा है। 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संजय मयुख ने कहा की हम सनातन के सिद्धांतों के साथ खड़े हैं। डॉ. मयुख ने कहा कि युवा वर्ग को देश के प्रति अपना योगदान सुनिश्चित करना है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि हम सनातन धर्म का बहुत सम्मान करते हैं। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वाराखेड़ी ने कहा कि संस्कृत से जुड़कर ही संस्कृति को बचाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के पूर्व न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी, पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायधीश एल नरसिम्हा रेड्डी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, डॉ. विनोद डोगरा, गोपाल झा, रंजीत चौधरी आदि उपस्थित रहे।

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