जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में मंगलवार को स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस की कैमिस्ट्री लैब में शार्ट सर्किट से आग लग गई। समय पर जेएनयू सिक्योरिटी, शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस कैमिस्ट्री लैब में आग लगने की एक हफ्ते में दूसरी घटना है।
जेएनयू के छात्रों के मुताबिक, स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज की केमिस्ट्री लैब में सुबह शार्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। जबकि कुछ दिन पहले एसी में शार्ट सर्किट हुआ था। छात्रों का कहना है कि सुबह के कारण विभाग में सभी छात्र मौजूद थे, लेकिन लैब में पांच से छह छात्र ही थे। जैसे ही आग लगी तो सब बुझाने को दौड़े, लेकिन आग बुझाने के लिए लगे अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करना किसी को नहीं आता था। बड़ी मुश्किल से बाद में आग पर काबू पाया गया।
कुलपति सबसे पहले लैब में आग से निपटने के इंतजाम करें: एबीवीपी
एबीवीपी जेएनयू इकाई के मंत्री विकास पटेल ने कहा कि प्रशासन के लिए छात्रों का जीवन सर्वोपरि होना चाहिए। जिस प्रकार बिना किसी उचित सुरक्षा व्यवस्था के साइंस लैब हैं, उससे आज किसी भी प्रकार का दूसरा और भी अधिक भयावह हादसा हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन विज्ञान प्रयोगशालाओं के अलावा अन्य स्थानों पर अग्नि शमन व बचाव के इंतजाम करे। लैब में कहीं फायर अलार्म नहीं था। विश्वविद्यालय प्रशासन से लैब समेत कैंपस में अधिक से अधिक अग्निशमन यंत्र लगाने का आग्रह किया है। इससे पहले 2016 में जेएनयू के ही पर्यावरण विज्ञान संस्थान में रविवार के दिन एक प्रयोगशाला में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसमें करोड़ों रुपये की प्रायोगिक उपकरण नष्ट हो गए थे।