गुड़गांव के मोलाहेड़ा के रहने वाले रणविजय सिंह ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसकी एक लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हो जाएगा और उसके पास पछताने के सिवा और कुछ न होगा।
मोलाहेड़ा गांव में बीती रात आग लगने से एक परिवार के तीन लोग बुरी तरह
झुलस गए। हादसा घर में गैस रिसाव के चलते हुआ।
ये हादसा शायद टल सकता था अगर रणविजय वक्त रहते गैस की आ रही बदबू से सतर्क होकर लाइटर जलाने की गलती न करता।
बच्चों के लिए नाश्ता बनाने गया था रणविजय
बिहार के अगनौर निवासी रणविजय सिंह (32) अपनी पत्नी व बेटे सोनू (10) व
बेटी दुर्गा (7) के साथ गांव मोलाहेड़ा गांव में किराये पर रहता था। वह और
उसकी पत्नी निजी कंपनी में काम करते थे।
बीती रात रणविजय अपने घर पहुंचा।
बच्चों को भूख लगने पर जब वह नाश्ता बनाने के लिए गैस स्टोव के पास गया तो
उसे गैस की बदबू आई। जैसे ही उसने लाइटर जलाई आग लग गई।
देखते ही देखते
पूरे कमरे में आग फैल गई। जिसमें उसका दस साल का बेटा सोनू और बेटी दुर्गा
समेत तीनों चपेट में आ गए।
बेटा सोनू की हो गई मौत
आग लगने के बाद घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आग देख
लोगों ने तुरंत मदद का प्रयास किया। जबतक लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर
उन तीनों को बाहर निकाला तीनों बुरी तरह झुलस गए।
इसके बाद तीनों को
घायल अवस्था में शिवा अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने दस वर्षीय सोनू
को मृत घोषित कर दिया। जबकि दोनों बाप-बेटी की हालत भी गंभीर बताई जा रही
है। सूचना के बाद पालम विहार थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
मामले की
जांच कर रहे एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि जांच में घर में रखे सिलेंडर में
गैस लीकेज की बात सामने आई है जिसके चलते यह हादसा हुआ। पुलिस ने बच्चे के
शव का पोस्टमार्टम करा उसे परिजनों को सौंप दिया।