ट्रेन में होने वाले अपराध की एफआईआर ट्रेन में ही दर्ज होगी। इसके लिए एक फॉर्मेट होगा, जो जीआरपी के एस्कार्ट और टीटी के पास रहेगा।
इस फॉर्मेट के आधार पर ही पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करेगी। पीड़ित को थाने जाने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस खुद कार्रवाई करेगी।
ट्रेनों में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। बदमाश यात्री बनकर कोच में चढ़ते हैं और मौका देखकर लूटपाट करते हैं। जीआरपी और आरपीएफ का एस्कार्ट जब तक पहुंचता है तब तक बदमाश भाग जाते हैं।
ऐसी स्थिति में पीड़ित जब थाना आता है तभी अपनी शिकायत दर्ज करा पाता है। एसपी रेलवे मुरादाबाद जोन वैभव कृष्ण ने बताया कि क्राइम होने पर पीड़ित को तुरंत राहत देने के लिए अब चलती ट्रेन में एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ट्रेन में एस्कार्ट करने वाले जीआरपी कर्मियों और टीटी को एक फार्मेट दिया जाएगा। फार्मेट पर घटना की पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पीड़ित का नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि भी रहेगा।
ट्रेन जब किसी स्टेशन पर रुकेगी तब जीआरपी थाने में उसकी अंतिम एफआईआर उस फॉर्मेट के आधार पर दर्ज होगी। जल्द ही जीआरपी थानों में ये फार्मेट दिए जाएंगे।