राज्य में नई आते ही बिल्डरों पर लगाम कसने की कार्रवाई शुरू हो गई है। मानेसर में विकसित हो रहे आधा दर्जन से प्रोजेक्ट पर बिना सीएलयू करवाए खेती की जमीन पर रिहायशी और कॅमर्शियल प्रोजेक्ट बनाने का आरोप है। इसे लेकर जिला नगर योजनाकार ने सात बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज करवाया है।
इनमें एनसीआर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स जैसून टावर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स योकुर्स होटल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बीटा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स प्रोग्रेसिव बिल्टिक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स दिव्य ज्योति इंटरप्राइजेज और मेसर्स इकोटेक बिल्डकॉन शामिल हैं। इन बिल्डरों द्वारा बिना सीएलयू निर्माण कार्य शुरू करने की सूचना मिलने के बाद जांच कर इसकी रिपोर्ट स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय भेजी थी।
वहां से निर्देश मिलने के बाद इन सभी बिल्डरों के खिलाफ मानेसर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
हुडा एक्ट-1975 की धारा 10 के तहत काम पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है। इससे पहले मानेसर में अधिग्रहण का डर दिखाकर 400 एकड़ जमीन बिल्डरों द्वारा सस्ते में खरीदने के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है।