दोषी पर कार्रवाई करने की सीएम की घोषणा ने दोनों आईपीएस अधिकारियों के खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है। दोनों कैंपों में तूफान से पहले जैसी खामोशी है।
इंतजार महानिदेशक-क्राइम की रिपोर्ट का है। पुलिसकर्मियों, नेताओं, सामाजिक संगठनों और आरडब्ल्यूए के लोगों को यह जानने का इंतजार है कि आखिर कार्रवाई किस पर होगी। किसी एक पर या फिर दोनों के खिलाफ।
दो आईपीएस अधिकारियों में चल रहा विवाद सरकार के गले की फांस बन गया है। इसीलिए अब तक इस मुद्दे पर कोई सख्त निर्णय नहीं हो सका। राजनयिक विवाद को निपटने के बाद अभी पुलिस संभली भी नहीं थी कि घर के कलह में उलझ गई।
पुलिस अधिकारी इसे अपने लिए राजनयिक मामले से भी कठिन समय मान रहे हैं। पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क और संयुक्त पुलिस आयुक्त भारती अरोड़ा इतना कुछ होने के बाद भी सबकुछ सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।