पूछताछ में मनीषा ने बताया कि वह पिछले दो साल से कॉल सेंटरों में काम कर रही थी। जहां से ठगी का गुर सीखने के बाद जनवरी 2022 में रोहिणी में अपना कॉल सेंटर खोल लिया। उसने दो महिलाओं को टेली कॉलर के रूप में भर्ती किया। उसके बाद वह अलग-अलग कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
मनीषा ने बताया कि वह मूलत: अहमदाबाद गुजरात निवासी कुणाल शाह के संपर्क में आई, जिसने उसे फर्जी वेबसाइट, फर्जी बैंक खाता और फर्जी सिम कार्ड मुहैया करवाया। कुणाल फिलहाल गुरुग्राम में रहता है। वहीं उसके एक दोस्त नेहा ने ग्राहकों का डेटा मुहैया करवाया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने लोगों से ठगी की। पुलिस मनीषा के बैंक खाते की भी जांच कर रही है।