भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में वेस्ट यूपी के किसानों ने शुक्रवार को हवन के बाद यूपी गेट की दीवारों पर किसान क्रांति गेट लिख दिया। टिकैत का कहना था कि यहां किसानों ने लाठियां खाई थीं। अब हर साल यहां पर दो अक्तूबर को किसान क्रांति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा।
सुबह करीब दस बजे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में बुलंदशहर, मेरठ, मोदीनगर, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से बड़ी संख्या में किसान यूपी गेट पर पहुंचे। किसानों ने हवन पूजन कर यूपी गेट की दीवारों पर किसान क्रांति गेट लिखा। राकेश टिकैत ने कहा कि दो अक्तूबर को हुए आंदोलन के समय पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष हुआ था। इस दौरान किसानों ने लाठियां खाई थीं। काफी किसान घायल हुए थे ।
इसके बावजूद हजारों किसान साहस के साथ यहां खड़े रहे थे और दिल्ली में प्रवेश किया था। उसी समय किसानों ने यूपी गेट का नाम किसान क्रांति गेट रखने का फैसला किया था, जिसे आज पूरा किया गया है। किसानों के अचानक पहुंचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन से इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई है, लेकिन किसानों की ओर से घोषणा पहले कर दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द यहां पर किसान क्रांति गेट का बड़ा बोर्ड भी लगा दिया जाएगा।
हर साल मनाया जाएगा किसान क्रांति दिवस
राकेश टिकैत ने बताया कि हर साल दो अक्तूबर को किसान यूपी गेट पर एकत्र होंगे। इसके बाद यहां पर किसान क्रांति दिवस मनाया जाएगा। इसके बाद किसान यूपी गेट से दिल्ली की ओर बढ़ेंगे और पहले ही यूटर्न से वापस यूपी गेट पर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि अपने स्तर यूपी गेट पर फ्लाईओवर की दीवारों पर किसान क्रांति के चित्र बनाए जाएंगे।
बृहस्पतिवार रात बैठक कर लिया निर्णय
यूपी गेट पहुंचे यूनियन के जिला उपाध्यक्ष जय कुमार मलिक ने बताया कि किसानों ने बृहस्पतिवार रात में बैठक कर यह फैसला लिया था। इसके बाद सुबह सभी को यूपी गेट पहुंचने को कहा गया। इस दौरान मेरठ मंडल के अध्यक्ष मांगे राम त्यागी, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, राम अवतार त्यागी, श्यामवीर सिंह, तहसील अध्यक्ष मोदीनगर वेदपाल मुखिया आदि मौजूद रहे।