दोस्तों में रौब जमाने, आसपास के लोगों में दहशत फैलाने या लोगों के सामने हवाबाजी करने के लिए नौजवान अवैध हथियार साथ में रखना पसंद कर रहे हैं। मात्र 1000 रुपये में ही अवैध हथियार मिल जाता है। पुलिस ने लगातार धरपकड़ कर पिछले साढे़ तीन माह में 100 से ज्यादा कट्टे पकड़े हैं। इसमें से ज्यादातर आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हवाबाजी के लिए हथियार साथ रखते हैं।
एक साल में दोगुना आरोपियों को पुलिस ने पहुंचाया जेल
आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 के मुकाबले 2022 में पुलिस ने दो गुना के करीब आरोपियों को जेल पहुंचाया है। साल 2021 में पुलिस ने 2499 अवैध हथियार के साथ तस्कर, लूट, स्नेचिंग आदि वारदातों में संलिप्त बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इसके मुकाबले साल 2022 में 4170 बदमाश अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार हुए थे। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा और डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा ने सभी क्राइम ब्रांच को निर्देश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में अवैध हथियार का सफाया करने पर ध्यान दिया जाए। क्राइम ब्रांच की टीम हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपियों को पकड़ने की जुगत में लगी है।
जनवरी 2023 से अब तक पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अवैध हथियार यूपी के अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, गोरखपुर, कोसी कलां से खरीदकर लाए हैं। यहां एक हजार से पांच हजार रुपये कीमत में हथियार मिलता है। राजस्थान के कामा, भरतपुर, अलवर से भी काफी संख्या में बदमाश हथियार खरीदकर लाते हैं। हरियाणा के पलवल, नूंह से भी अवैध हथियार शहर में पहुंचाए जा रहे हैं।
ज्यादातर बदमाश रौब जमाने, शौक के लिए, हवाबाजी करने के लिए सस्ते हथियार ले आते हैं। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी पांच हजार तक का हथियार लाते हैं। दूसरे राज्यों से हथियार लाने के लिए ज्यादातर बदमाश ट्रेन का इस्तेमाल नहीं करते। रेलवे स्टेशन पर जांच के डर से आरोपी अपने वाहन या बस में बैठकर चोरी-छिपे हथियार शहर में ले आते हैं।
एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण का कहना है कि क्राइम ब्रांच की सभी टीमों को मुख्य नेटवर्क तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। कोशिश है कि हथियार बेचने को वालों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। कुछ माह पहले क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने 12 हथियारों के साथ सप्लायरों को पकड़ा था। फिलहाल भी टीम अपराध करने से पहले ही आरोपियों के बारे में जानकारी निकाल कर हथियार के साथ दबोच रही है।