- करीब ढाई घंटे तक नहीं दिया प्राथमिक उपचार - बेटी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। तिरखा कॉलोनी में तीसरी मंजिल की खिड़की से गिरकर घायल मरीज को उपचार के लिए बीके अस्पताल लाया गया। घायल की बेटी ज्योति का आरोप है कि शुक्रवार सुबह करीब दस बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक उनके पिता दर्द से कराहते रहे, लेकिन उन्हें समय पर दवा या इंजेक्शन नहीं दिया गया।
हादसे में घायल वरुण के सिर में गंभीर चोट आई। परिजनों के अनुसार, वे पहले बल्लभगढ़ के अस्पताल ले गए, जहां से बीके अस्पताल और बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार वरुण अपनी पत्नी के साथ तिरखा कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। उनकी बेटी ज्योति सुभाष कॉलोनी में अपने पति के साथ रहती है। शुक्रवार को ज्योति अपने माता-पिता के कमरे को खाली कराने के लिए तिरखा कॉलोनी पहुंची थी। सामान को तीसरी मंजिल से नीचे उतारने के दौरान वरुण खिड़की के पास से नीचे गिर गए। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई।
परिजनों ने इलाज में देरी का लगाया आरोप
घायल वरुण को उनकी बेटी ज्योति उपचार के लिए बल्लभगढ़ अस्पताल लेकर पहुंची। वहां से उन्हें बीके अस्पताल रेफर किया गया। बीके अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
बेटी ज्योति का आरोप है कि शुक्रवार सुबह करीब दस बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक उनके पिता दर्द से कराहते रहे, लेकिन उन्हें समय पर दवा या इंजेक्शन नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि काफी देर तक उचित प्राथमिक उपचार नहीं मिलने से परिवार परेशान रहा। विरोध करने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर दिल्ली रेफर कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद वरुण की हालत गंभीर थी और उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत थी। मामले में कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।