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Faridabad News: 36 वार्ड में कूड़ा निस्तारण की जगह चिह्नित, 10 में तलाश जारी

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हर वार्ड में कूड़े का डंपिंग प्वाइंट बनाने के लिए जमीन ढूंढ़ने को आयुक्त ने दिए थे निर्देश
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वार्ड में ही सूखे और गीले कूड़े का किया जाएगा निस्तारण

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर को कूड़े से मुक्ति दिलाने के लिए 36 पार्षदों ने अपने वार्ड में जमीन को चिह्नित कर लिया है। इस जमीन में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जहां पर वार्ड से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को रखा जाएगा। वैज्ञानिक विधि से इसका निस्तारण करते हुए कूड़े से खाद तैयार की जाएंगी, जिससे इसका इस्तेमाल पेड़-पौधों और बाग-बगीचों के लिए किया जा सके। हालांकि अभी 10 वार्डों में कूड़ा रखने के लिए जमीन की खोज जारी है।

नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने शहर को कूड़े की समस्या से निजात दिलाने के लिए वार्ड स्तर पर ही अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र शुरू करने की योजना तैयार की थी। जिसके बाद पार्षदों के साथ 16 अक्तूबर को बैठक की गई थी। निगमायुक्त ने पार्षदों को निर्देश दिए थे कि वह अपने वार्ड में नगर निगम की खाली जमीन को चिह्नित करें, जहां पर कूड़े के निस्तारण के लिए केंद्र बनाए जा सकें। इसके दो दिन का समय दिया गया था और सोमवार को रिपोर्ट दी जानी थी। कूड़े के प्रबंधन के लिए शहर के 36 पार्षदों ने अपने क्षेत्र में खाली पड़ी नगर निगम की जमीन को चिह्नित करके सोमवार को निगमायुक्त को रिपोर्ट सौंप दी है। पार्षदों के द्वारा चिह्नित की गई जमीन का अब नगर निगम की टीम सर्वे करेगी और यहां पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र खोलने के लिए अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। वहीं बचे हुए वार्ड पार्षदों को भी जल्द से जल्द अपने क्षेत्र में जमीन चिह्नित करने के लिए कहा गया है। जिससे शहर के सभी वार्डों में एक साथ कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की जा सके।
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विवाद के बाद नगर निगम ने शुरू की थी तैयारी

नगर निगम पहले शहर का कूड़ा प्रतापगढ़ में डाल रहा था। विधायक और क्षेत्रीय लोगों के विरोध के बाद नगर निगम ने यहां कूड़ा फेंकने के लिए हर दिन सिर्फ पांच ट्रक निर्धारित कर दिए। बचे हुए कूड़े को निगम ने कुछ दिन पहले ही अरावली क्षेत्र में फेंकना शुरू किया था। अब अरावली क्षेत्र में भी लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं और धरने पर बैठे हुए हैं। ऐसे में नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की थी और वार्ड में ही कूड़े के निस्तारण की योजना बनाई थी। सभी वार्डों में जमीन फाइनल होने के बाद तेजी से यहां पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों को विकसित किया जाएगा।

छोटी मशीनों से भी चलाया जा सकेगा काम

वार्ड स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र शुरू करने के पीछे नगर निगम की योजना यह है कि हर दिन निकलने वाले कूड़े की मात्रा कम होगी। नियमित रूप से वार्ड में ही इसका निस्तारण कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि छोटे प्लांट होने से यह फायदा मिलेगा कि यहां पर बड़ी मशीनें नहीं पड़ेंगी। छोटे वाहनों और मशीनों से ही प्रबंधन का सारा काम पूरा कर लिया जाएगा। गीले कचरे का इस्तेमाल विशेष तौर पर खाद बनाने के लिए किया जाएगा। इसके बाद जो कचरा बचेगा, उसे निगम की गाड़ियों से दूसरी जगह पर पहुंचाकर इसका निस्तारण किया जाएगा।
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वर्जन-

वार्ड स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट बनाने के लिए शहर के 36 वार्डों के पार्षदों ने जमीन चिह्नित कर ली है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। बचे हुए वार्डों से भी जल्दी ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद वार्ड स्तर पर कचरा प्रबंधन की योजना को तेजी से धरातल पर लाते हुए लोगों को राहत दी जाएगी। -अनिल यादव, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, एनआईटी जोन
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