प्रतापगढ़ स्थित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर कई दिनों से चल रहा था विरोध नगर निगम आयुक्त ने कहाए छह माह में प्रतापगढ़ में कूड़ा डालना बंद करने का रहेगा प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रतापगढ़ स्थित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर कई दिनों से चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन मंगलवार को नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। निगम आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि अगले छह माह के भीतर प्रतापगढ़ में कूड़ा डालना पूरी तरह बंद करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगम की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
प्रतापगढ़ गांव और आसपास के सेक्टरों के लोग पिछले कई दिनों से डंपिंग यार्ड के विरोध में धरना दे रहे थे। इससे पहले प्रदर्शनकारी नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर भी अधिकारियों के खिलाफ विरोध जता चुके थे। पिछले सप्ताह ग्रामीणों ने मेयर से मुलाकात कर डंपिंग यार्ड को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने और यहां कूड़ा डालना बंद कराने की मांग रखी थी। इसके बाद मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल की निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के साथ बैठक हुई।
350 टन से बढ़कर 600 टन प्रतिदिन पहुंचने लगा कूड़ा
ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्रतापगढ़ प्रोसेसिंग प्लांट पर प्रतिदिन करीब 350 टन कूड़ा पहुंचता था। हालांकि बंधवाड़ी में फरीदाबाद के कूड़े के निस्तारण पर रोक लगने के बाद यहां प्रतिदिन करीब 600 टन कचरा पहुंचने लगा। कूड़े की मात्रा बढ़ने से दुर्गंध, प्रदूषण, मक्खी-मच्छरों की समस्या और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई, जिससे प्रतापगढ़ गांव और आसपास की कॉलोनियों व सेक्टरों के लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
छह माह में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का आश्वासन
बैठक में निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी क्षेत्र में कूड़े का ढेर लगाना नहीं बल्कि ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना है। उन्होंने कहा कि शहर में अन्य स्थानों पर भी नए प्रोसेसिंग प्लांट विकसित किए जा रहे हैं, ताकि किसी एक स्थान पर अधिक दबाव न पड़े। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि अगले छह माह के भीतर प्रतापगढ़ में कूड़ा डालना बंद करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
धरना स्थल पर पहुंचे संयुक्त आयुक्त, खत्म हुआ आंदोलन
बैठक के बाद निगम आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त अनिल यादव धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को निगम आयुक्त के आश्वासन से अवगत कराया और भरोसा दिलाया कि जब तक प्लांट संचालित रहेगा तब तक यहां आने वाले कूड़ा वाहनों से सभी नियमों का पालन कराया जाएगा ताकि आसपास के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके बाद संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने सहमति जताते हुए कई दिनों से चल रहा धरना समाप्त कर दिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में ग्रामीणों की ओर से सुदेश कुमार डागर, सतपाल, पवन मोर, बलजीत कौशिक, हेमंत बरुआ और आशीष चिकारा मौजूद रहे। नगर निगम की ओर से संयुक्त आयुक्त अनिल यादव, मुख्य अभियंता विवेक गिल, अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता मनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।