- 40 लाख के वर्क ऑर्डर को 7 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वर्क ऑर्डर को रिवाइज कर लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े के मामले में तत्कालीन क्लर्क और मौजूदा निरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी निरीक्षक नवीन रत्रा उर्फ नवीन कुमार को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसीबी के अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने अलग-अलग विकास कार्यों के लिए साल 2018 में 8 वर्क ऑर्डर जारी किए थे। इन वर्क ऑर्डर की राशि लगभग 40 लाख रुपये थी। बाद में अधिकारियों व कर्मचारियों ने ठेकेदार सतबीर से मिलीभगत कर इन वर्क ऑर्डर की राशि को रिवाइज कर 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया था।
एसीबी की ओर से अगस्त 2025 में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद तत्कालीन लिपिक व मौजूदा निरीक्षक नवीन रत्रा समेत अन्य आरोपियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत से इन्हें राहत नहीं मिली। शुक्रवार शाम एसीबी की टीम ने नवीन रत्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम नगर निगम भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी की ओर से साल 2022, 2023 व 2025 में दर्ज की गई 5 एफआईआर में शामिल है।
एसीबी अधिकारियों की मानें तो आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वर्क ऑर्डर 1442 के तहत मोहना रोड पर यादव डेयरी से साई अस्पताल तक वार्ड नंबर-36 में इंटरलॉकिंग टाइल लगनी थी। इसके 5.83 लाख रुपये के वर्क ऑर्डर को बढ़ाकर 98,95,837 रुपये किया गया। इसी तरह वर्क ऑर्डर 1433 के तहत वार्ड नंबर-38 में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य 4.92 लाख से होना था। इसकी राशि बढ़ाकर 93,82,362 रुपये की गई। मामले में एसीबी जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर सकती है।