फरीदाबाद में वसंत पंचमी को लेकर मां सरस्वती की तस्वीर बनाता कारीगर ।
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फरीदाबाद। वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) आज है। यह हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। शहर में इसको लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। मूर्तिकारों का कहना है कि बीते दो साल की अपेक्षा इस बार उनकी अच्छी कमाई हुई है। पूजा के लिए काफी संख्या में लोगों ने सरस्वती मां की प्रतिमा की खरीदारी की है।
पंडित सीताराम झा ने बताया कि पुराणों में अंकित है कि वसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। नवरात्र में दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी के रूप में सरस्वती स्वरूप की उपासना की भी परंपरा है। मकर राशि में सूर्य और बुध के रहने से इस वर्ष बुधादित्य योग भी बन रहा है। इस दिन सभी ग्रह चार राशियों में विद्यमान रहेंगे। इसलिए इस दिन केदार जैसे शुभ योग का भी निर्माण हो रहा है। सरस्वती माता की चार भुजाएं हैं। इसमें एक हाथ में माला, दूसरे में पुस्तक और दो अन्य हाथों में वीणा बजाती नजर आती है। सुरों की अधिष्ठात्री होने के कारण इनका नाम सरस्वती पड़ा। लिहाजा शनिवार को पड़ रही वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 6:43 बजे से 6 फरवरी सुबह 6:43 तक है। इसमें पूजा के लिए सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त सुबह 6.43 बजे दोपहर 12.35 तक है। लोग इस सर्वोत्तम योग में मां का पूजा अर्चना कर अपार बुद्धि और अच्छी विद्या की कामना करें।
मूर्तिकारों के चेहरे पर लौटी खुशी
वसंत पंचमी को लेकर शुक्रवार शाम जहां बाजारों में भीड़ रही और पूजा सामग्री खरीदने में श्रद्धालु व्यस्त रहे। वहीं, इस साल मूर्तिकारों के चेहरे पर भी खुुुशी लौटी। मूर्तिकार मोहित, शिवा आदि ने बताया कि उन्होंने 200 रुपये से लेकर 10,000 रुपये कीमत वाली एक दर्जन से अधिक मूर्तियों को बेचा है। इससे उन्हें बीते साल-2020 व 2021 की अपेक्षा अच्छी आमदनी हुई है। पूजा की तैयारियों में जुटे श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार मां सरस्वती की पूजा के दौरान कोरोना के नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी मदिर के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा पंडाल में सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। साथ ही मास्क पहनकर आना सभी के लिए अनिवार्य होगा।