Cold broke the record of 19 years, relief from Saturday, decline due to the activity of Western Disturbance
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में सर्दी का सितम जारी है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान सामान्य से आठ अंक कम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते 19 सालों में फरवरी में सबसे ठंडा दिन रहा। इससे पहले साल 2003 में फरवरी के पहले हफ्ते में अधिकतम तापमान 14.03 के आसपास दर्ज किया गया था। वहीं, शनिवार से मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि सुबह में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि जम्मू-कश्मीर आदि पहाड़ों पर शुक्रवार तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रही। इसका असर फरीदाबाद में भी देखने को मिला। इससे शहर में दिनभर बादल छाए रहे और लोगों को दिन में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में फरवरी के पहले हफ्ते की ठंड करीब 19 सालों का रिकार्ड तोड़ा है। फरवरी में मौसम का ऐसा मिजाज बीते 71 सालों में चौथी बार बदला है।
विभागाध्यक्ष ने बताया कि बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक एमएम तक बारिश भी हुई। साथ ही करीब सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर व उत्तर-पश्चिमी हवा भी चली। इससे भी दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि आसमान में बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन अंक अधिक 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को हुई बारिश से किसानों को कुछ हद तक फायदा हुआ। बारिश होने से रबी फसल की जड़ मजबूत होगी और गेहूं, सरसों आदि के फसल में इससे अच्छा फुटाव आएगा।
माह साल तापमान
फरवरी 1954- 13.9 डिग्री सेल्सियस
फरवरी 1970-12.03 डिग्री सेल्सियस
फरवरी-2003- 14.03 डिग्री सेल्सियस
फरवरी- 2022- 14 डिग्री सेल्सियस