फरीदाबाद। बिना पंजीकरण के कम अंतराल में कोरोना टीका लगवाना स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के टीके के मिक्सअप अभी शोध चल हरा है। इसके अभी ज्यादा परिणाम सामने आए नहीं है। वहीं टीकाकरण कार्य कार्य देख रहे आईसीएमआर की तरफ से टीके के अंतराल को बड़ा दिया गया है। ऐसे में खुद से टीकाकरण के अंतराल में बदलाव करना ठीक नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में जगह-जगह शिविर का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन टीकाकरण केंद्रों पर लाइन लंबी होने के कारण लोग जुगाड़ का सहारा ले रहे हैं। हाल ही में मिक्सअप वैक्सीन संबंधी दो मामले अमर उजाला की नजर में आए। सेक्टर-24 निवासी 36 वर्षीय एक व्यक्ति ने करीब 15 दिन पहले पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कोवाक्सिन टीका लगावाया। लेकिन दो दिन तक उसके फोन पर टीकाकरण संबंधी कोई एसएमएस प्राप्त नहीं हुआ तो 15 दिन बाद उन्होंने दूसरे स्वास्थ्य केंद्र में कोविशील्ड का टीका लगवा लिया। ऐसा ही एक अन्य मामला सेक्टर-46 में सामने आया। सेक्टर निवासी एक महिला ने 10 दिन पहले बेटे के साथ नजदीक के सेंटर में जाकर टीके की पहली डोज लगवाई। इस दौरान उनके आधार कार्ड भी लिया गया, लेकिन उनके पास टीका लगवाने का कोई एसएमएस नहीं आया, तो उसी वैक्सीन की दूसरे सेंटर पर जाकर स्वास्थ्य कर्मी को पहली डोज बतौर वैक्सीन लगवा ली। इस तरह के कई अन्य मामले भी सामने आ रहे हैं।
वर्जन-
कोई भी टीका लगवाने पर व्यक्ति का आधार कार्ड से मौके पर पंजीकरण किया जाता है। जरूरी नहीं टीकाकरण के बाद एसएमएस आए। व्यक्ति उसी स्वास्थ्य केंद्र से अपना प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है। - डॉ. रणदीप पूनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोरोना वैक्सीन के मिक्सअप पर अभी शोध जारी है। इसलिए अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। लेकिन कम अंतराल में टीके लगवाने स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। क्योंकि वैक्सीन लगाने से पहले व्यक्ति की एंटीबॉडी कितनी है और वैक्सीन के बाद कितनी बनी यह देखने जरूरी होता है। - डॉ. अनिल पांडेय, रजिस्ट्रार, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
एक ओवरऑल एंटीबॉडी का रिस्पांस शरीर में बेहतर बन सके। इस अंतराल को दवा कंपनी द्वारा बताए गए अंतराल से भिन्न रखेंगे तो वैक्सीन वह रिस्पांस नहीं देगी जो देना चाहिए। किडनी पर क्या असर पड़ेगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। वैक्सीन के मिक्सअप पर अभी दुनिया में शोध चल रहा है। इसके क्या परिणाम सामने आएंगे। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। - डॉ. जितेंद्र कुमार, वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ, मेट्रो अस्पताल