फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए अपने छोटे छोटे बच्चों को लेकर पहु?
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फरीदाबाद। टीकाकरण के लिए सरकार जागरूकता का संदेश बेशक दे रही हो लेकिन टीके की कमी और सुविधाओं का टोटा सबसे बड़ी मुसीबत महिलाओं के लिए बन रहा है। कहीं छोटे बच्चों को छोड़कर आई महिलाओं को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है तो कभी नन्हे-मुन्नों को साथ लेकर टीकाकरण केंद्र पहुंच रही हैं। शनिवार को भी जिले के टीकाकरण केंद्र पर एक महिला सात माह का बच्चा लेकर आई थी जो दो दिन पहले भी आ चुकी है। उसे भी इतनी मशक्कत करने के बाद वैक्सीन नहीं लग पाई थी। बाद में वह तीसरी बार फिर यहां पहुंची और टीका लगवाया।
सबसे अधिक चुनौतियां उन माताओं के लिए रही, जो बच्चे को गोद में उठाए सैकड़ों लोगों के बीच टीकाकरण का इंतजार करती रहीं। ज्यादातर का कहना था कि पति-पत्नी कामगार हैं। परदेश में कोई ऐसा परिचित भी नहीं जिसके भरोसे मासूमों को छोड़ा जाए। शनिवार को जिले में कुल 47 केंद्रों पर सरकारी स्तर पर टीकाकरण की सुविधा दी गई। महिलाएं व बुजुर्ग टीकाकरण अनियमितताओं से खासे परेशान नजर आए। अकेले बीके नागरिक अस्पताल में करीब 1400 लोग पहुंचे। इसमें आधे से अधिक महिलाएं थीं। वहीं, शनिवार को मौसम के तल्ख तेवरों से भी लोग लंबी लाइन में लगने से परेशान रहे। कभी धूप-कभी छांव की आंखमिचौली में वह ज्यादा विचलित हुईं जो बच्चों को साथ लेकर टीकाकरण केंद्रों पर पहुंची। नजारा ये था कि कई माताएं छाता थामे नन्हे-मुन्नों को धूप से बचाने के प्रयास में जुटी रही। वहीं, लाइन में खड़े अन्य लोग भी इसी तरह परेशान दिखे।
ये तो अव्यवस्था ही है...
इस अव्यवस्था ही कहें तो गलत न होगा। जिले में टीकाकरण के लिए बेशक 47 केंद्र हों लेकिन जिला मुख्यालय में ही अव्यवस्था हावी हैं। महिलाएं समय से टीकाकरण न होने पर परेशान हैं। डबुआ से आई सोनिया ने बताया कि सात माह का बच्चा है। उसे लेकर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी वह टीकाकरण केंद्र पर पहुंची थी लेकिन, देरी से पहुंचने के कारण टीकाकरण केंद्र पर उसकी बारी नहीं आई। इसके बाद शनिवार को एक बार फिर टीकाकरण के लिए बीके सिविल अस्पताल पहुंची। जहां धूप-छाया से बच्चा परेशान रहा लेकिन लाइन छोड़कर कहीं और जाने पर वैक्सीन नहीं लग पाती। इसी तरह शालू, रजनी और सदीता टीकाकरण केंद्र पर बच्चों को लेकर पहुंची। उनका कहना है कि वैक्सीन लगवाना है ये हमारी जरूरत और मजबूरी है लेकिन केंद्रों पर पूरी तरह से अव्यवस्था है।
महिलाओं के लिए बीके सिविल अस्पताल में जल्द पिंक बूथ खोला जाएगा। इस पर काम जारी है। टीकाकरण या किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था में कमी को तुरंत दूर करने के लिए काम करेंगे।
- डॉ. विनय गुप्ता, सीएमओ