पीएम मोदी ने पैरालंपिक खेलों में जाने से पहले कुल दस खिलाड़ियों से बात कर सभी प्रतिभागियों की हौंसला अफजाई की थी। ऑनलाइन संवाद में सिंह राज अधाना से पीएम ने करीब छह मिनट तक बात की थी। इस दौरान पीएम ने खेल की चुनौती, सरकारी प्रोत्साहन और प्रेरणा पर बात की।
सिंहराज ने पूरे परिवार के सहयोग से खेल में बने रहने की बात कही। शूटिंग खेल के अभ्यास में आने वाली समस्याओं में खर्च को बड़ा मसला बताया। सिंह राज ने बताया कि एक समय ऐसा आया कि पत्नी कविता ने अपने आभूषण गिरवी रख कर उन्हें खेल के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में अभ्यास पूरी तरह बंद हो गया था। वह अपने विदेशी खिलाड़ी दोस्तों से अभ्यास का तरीक पूछते थे। विदेशी दोस्त लगातार खेल अभ्यास कर रहे थे जबकि स्थानीय स्तर पर खेल अभ्यास की छूट नहीं थी। ऐसे में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही उन्होंने सबसे पहले 10 मीटर और 50 मीटर का शूटिंग रेंज बनवाया।
इसके लिए वर्ष 2018 में एशियन गेम्स में प्रदेश सरकार से मिली ईनामी राशि काम आई। ओलंपिक में इस्तेमाल होने वाले एमीनेशन से ही पैरालंपिक की तैयारी की। इससे हाल ही में यूएई में हुए विश्वकप में पदक हासिल किया था। इसके अलावा नेशनल राइफल शूटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से खेल को बल मिला।