टेबल टेनिस खिलाड़ी सुतीर्था मुखर्जी सोमवार को अपने राउंड-टू के मुकाबले के लिए टोक्यो ओलंपिक में निराश हुईं। इससे परिजन व फरीबादाबाद वासियों की उम्मीदें भी टूटी हैं। सुतीर्था से शहर के लोगों को काफी आस थी। सुतीर्था बीते चार वर्षों से अस्थाई रूप से जिले में रह रही हैं।
सोमवार को सुतीर्था टेबल टेनिस (महिला एकल ) में पुर्तगाल की फू-यू के साथ राउंड टू मुकाबला खेलने के लिए मैदान में उतरी थीं। इसमें सुतीर्था 4-0 से मैच हार गईं। सेक्टर-28 स्थित युनिफाइड टाइटेन्स अकादमी के हेड कोच अंकित गुप्ता ने बताया कि यह सुतीर्था का डेब्यू(पहली बार) ओलंपिक था। उन्होंने बेहद शानदार परर्फोमेंस के साथ अपने प्रतिद्वंद्वी फू-यू का मुकाबला किया।
वह बैक हैंड साइड से खेलती हैं। यह रणनीति प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ती है। हालांकि सोमवार सुबह खेले गए मुकाबले में सुतीर्था फॉर हैंड साइड से ब्लॉक बनाकर खेलने में पिछड़ गईं। इस कारण पुर्तगाली प्रतिद्वंद्वी फू-यू उन पर हावी रहीं। फिर भी सुतीर्था डेब्यू ओलंपिक में काफी शानदार प्रदर्शन करके लौटेंगी।
अकादमी के सभी खिलाड़ियों की प्रेरणा हैं। वह बीते दस साल से नेशनल चैंपियन हैं। उनके अनुभवों से नए खिलाड़ी काफी कुछ सीखेंगे। वहीं, अकादमी के कई खिलाड़ी इंडियन सर्कल में सुतीर्था के अनुभव से काफी कुछ सीखे हैं। अंडर-12, अंडर-15 के प्लेयर 2024 के ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे हैं।
इस बार 23 जुलाई से जापान के टोक्यो में ओलंपिक खेल शुरू हो चुके हैं। इसमें मीराबाई चानू ने देश के लिए रजत पदक जीतकर सबसे पहला मेडल हासिल किया है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पहले दिन ही देश के किसी खिलाड़ी ने पदक तालिक सूची में नाम बनाया हो। ऐसे में 26 वर्षीय चानू के प्रदर्शन से न सिर्फ अन्य खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है बल्कि देश की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।