तीन करोड़ की धोखाधड़ी की थी शिकायत, जांच में निकले 35 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पेटीएम कंपनी में भुगतान के तरीके की तकनीकी खामी का फायदा उठाकर कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में क्राइम ब्रांच सेक्टर-65 ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मेवला महाराजपुर निवासी सुनील और बिमलेश व आदर्श नगर बल्लभगढ़ निवासी विक्रम सिंह के रूप में हुई है।
कंपनी की तरफ से करीब तीन करोड़ रुपये पेटीएम से गलत तरीके से निकालने की शिकायत मिली थी। क्राइम ब्रांच रविवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। अभी तक की जांच में पुलिस के सामने 52 नाम आए हैं। ठगी की रकम भी करीब 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। कंपनी की तरफ से दी शिकायत में कहा गया था कि पेटीएम अपने प्लेटफाॅर्म से क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान की सुविधा प्रदान करता है। कोई व्यक्ति जब क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करता है तो पेटीएम से राशि तुरंत क्रेडिट कार्ड में चली जाती है जबकि ग्राहक द्वारा दी गई राशि कुछ देर के लिए पेटीएम के प्लेटफाॅर्म पर रहती है। करीब पांच मिनट बाद पेमेंट सक्सेसफुल का मैसेज आता है। आईडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड में भुगतान करने पर चार घंटे बाद भी पेमेंट सक्सेसफुल की बजाय कैंसल पेमेंट का विकल्प आता था। कैंसल पेमेंट करने पर ग्राहक द्वारा भुगतान की गई राशि वापस खाते में आ जाती थी, वहीं उसके क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान पहले ही हो चुका होता था। इस तरह लोगों ने बार-बार इस विकल्प का दुरुपयोग कर पेटीएम से रुपये निकालने शुरू कर दिए। यह जानकारी एक-दूसरे से होते हुए कई लोगों तक पहुंच गई। लोगों ने आईडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड बनवाकर जालसाजी शुरू कर दी। करीब एक सप्ताह पहले कंपनी की तरफ से केस दर्ज कराया गया था। कंपनी ने अपनी कमी को दुरुस्त भी कर लिया है।