फरीदाबाद। 11वीं कक्षा के छात्र ऋषि कुमार को करीब एक साल पहले भी मारने की कोशिश की गई थी। उस समय ऋषि ने अपने एक दोस्त के घर में छिप कर जान बचाई थी। ऋषि की मौत का कारण बनी किशोरी उसके साथ ही पढ़ती है। स्कूल हरकेश नगर में ही होने के कारण दोनों की बात जग जाहिर हो गई।
किशोरी के परिजनों ने ऋषि को कई बार समझाया कि वह किशोरी से दूर रहे। ऋषि के दोस्त ने बताया कि करीब एक साल पहले दो दर्जन युवकों ने लाठियों के साथ ऋषि के घर पर हमला बोल दिया था। ऋषि को किसी तरह से युवकों के आने की भनक लग गई और वह घर से भागकर अपने एक दोस्त के घर में जा छिपा। उस समय कोई पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी। ऋषि अपनी नानी के साथ अकेला रहता था। उसके नाना का करीब दो साल पहले देहांत हो गया।
मैसेज करके बुलाया गया था ऋषि
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि ऋषि को घटना के दिन एक मोबाइल से मैसेज किया गया था। जिसमें किशोरी से मिलने की बात लिखी थी। इसके बाद रात करीब 12 बजे ऋषि किशोरी के घर चला गया। यहां बीरेश और धीरज ने उसे पकड़ लिया। धीरज कुमार आरोपी बीरेश के पास नौकरी करता है। वह बीरेश की बसों में टिकट आदि बनाने व उनके संचालन में सहायता करता है। बीरेश के भाई ह्रदेश व अन्य ने ऋषि को अपनी गाड़ी में डाल लिया। सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच को एक सीसीटीवी फुटेज बरामद हुई है। जिसमें आरोपी ऋषि कुमार को गाड़ी में ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। आरोपियों के वहां से निकले ही ऋषि के दोस्त के पास एक और मैसेज किया गया। जिसमें बताया गया कि ऋषि की जान को खतरा है। उसका कोई भी दोस्त किशोरी के घर के आसपास मत चले जाना। क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों को काबू कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। सभी की बातचीत का रिकार्ड व वाट्सएप मेसिज आदि खंगाले जाएंगे।