शिक्षा विभाग ने पुस्तकों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की, 21 दिन में पहुंचेगी पहली खेप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को जल्द ही एक ऐसा सार्वजनिक ज्ञान केंद्र मिलने जा रहा है जिसकी मांग शहर के छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा और पुस्तक प्रेमी लंबे समय से कर रहे थे। सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई अत्याधुनिक अटल ई-लाइब्रेरी का भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। शिक्षा विभाग ने पुस्तकों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित सप्लायर को ऑर्डर मिलने के 21 दिनों के भीतर पुस्तकें सीधे ई-लाइब्रेरी भवन में पहुंचानी होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के भीतर कम से कम 75 प्रतिशत पुस्तकें उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
शहर के हजारों छात्र दिल्ली, गुरुग्राम या निजी लाइब्रेरी पर निर्भर रहने को मजबूर थे। ऐसे में टाउन पार्क स्थित अटल ई-लाइब्रेरी शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। यह परियोजना केवल किताबें रखने की जगह नहीं होगी बल्कि इसे आधुनिक ई-लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। यहां डिजिटल रीडिंग, ई-बुक्स, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, संदर्भ पुस्तकों और शोध सामग्री तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
बच्चों से लेकर शोधार्थियों तक की होंगी पुस्तकें
प्रस्तावित पुस्तकों की सूची बताती है कि इसे केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां बच्चों, किशोरों, युवाओं और वरिष्ठ पाठकों सभी के लिए सामग्री उपलब्ध होगी। प्रमुख पुस्तकों में हैरी पॉटर श्रृंखला, शर्लाक होम्स की कहानियां, रॉबिन्सन क्रूसो, एलिस इन वंडरलैंड, नेशनल ज्योग्राफिक साइंस एन्साइक्लोपीडिया, डीके पब्लिकेशन की विश्व इतिहास संबंधी पुस्तकें, अमर चित्र कथा श्रृंखला, मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं, स्वामी विवेकानंद साहित्य और सुदा मूर्ति की कहानियां शामिल हैं।
उद्घाटन के बाद संचालन शुरू होने का इंतजार
हालांकि भवन तैयार होने और उद्घाटन होने के बावजूद अब तक इसका नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाया था। हाल ही में भी इस मुद्दे को लेकर सवाल उठे थे कि भवन तैयार होने के बावजूद लाइब्रेरी आम लोगों के लिए पूरी तरह शुरू क्यों नहीं की जा रही। अब पुस्तक खरीद प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद है कि यह इंतजार जल्द समाप्त होगा।
इस भवन के निर्माण से संबंधित काम एचएसवीपी की तरफ से किया गया है। इसका संचालन प्रशासन की तरफ से किया जाएगा।- संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, एचएसवीपी