The pollution level in the industrial city remained in the poor and very poor category for two months.
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में दो महीने से प्रदूषण का स्तर लगातार खराब और बेहद खराब श्रेणी में बना है। स्थानीय लोग इसका मुख्य कारण शहर की टूटी सड़कों को मान रहे हैं। उनका कहना है कि शहर में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं रही। नवंबर से बने खराब श्रेणी के प्रदूषण स्तर से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
2021 के नवंबर से शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब, बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बना है। यहां तक कि इन दिनों में फरीदाबाद कई बार देश के टॉप पांच प्रदूषित शहरों में पहला व दूसरा स्थान प्राप्त किया। आलम यह रहा कि बीके अस्पताल में आंख व सांस से संबंधित बीमारियों के रोज 50 से भी ज्यादा मरीज पहुंचने लगे। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि प्रदूषण के बढ़ने का मुख्य कारण फरीदाबाद में जगह-जगह टूटी सड़क है। इसपर वाहनों के चलने से उड़ रही धूल हवा की रफ्तार कम होने से वायुमंडल की ऊपरी सतह तक नहीं पहुंचा। इससे लगातार दो महीने से जिले में हवा की गुणवत्ता खराब और बेहद खराब श्रेणी में बनी है।
शहर का 327 और बल्लभगढ़ का 346 रहा एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे तक फरीदाबाद का बेहद खराब श्रेणी के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 327 और बल्लभगढ़ का 346 दर्ज किया गया। यह सामान्य से छह गुणा अधिक रहा। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुुप्ता ने बताया कि लोग इस मौसम सावधानी बरतें। सुबह की सैर करने से परहेज करें। घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें।
क्षेत्रीय स्तर पर एक्यूआई
नाथू कॉलोनी- 350
सेक्टर 16ए- 388
सेक्टर 11- 402
सेक्टर 30- 315
एनआईटी- 232