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दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच उलझी चंद्रेज की मौत की गुत्थी

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फरीदाबाद। उत्तर प्रदेश से आकर डबुआ कालोनी मन रह रहे एक व्यक्ति की मौत की गुत्थी दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बीच आकर फंस गई है। एक ही व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अलग-अलग बताए जाने पर स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे बैठा है। पहले पोस्टमार्टम में करंट तो दूसरे में हेड इंजरी कारण बताया गया है
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मूल रूप से यूपी के सुल्तानपुर निवासी चंद्रेज (36) डबुआ कालोनी में किराए पर रहते थे। एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। मृतक के भाई प्रताप बहादुर के मुताबिक 21 जुलाई को पप्पू के मामा शेष बहादुर व उनके पार्टनर अनिल ने उन्हें अपने घर बुलाया था। 22 जुलाई को पप्पू के छोटे भाई प्रताप बहादुर को फोन पर सूचना मिली कि पप्पू की करंट लगने से मौत हो गई है। पुलिस ने शव का बीके अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण करंट लगना बताया गया। इसके बाद प्रताप बहादुर शव को लेकर गांव चले गए। मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों ने शव की हालत देखकर उसकी हत्या का शक जाहिर किया।
परिजनों ने सुल्तानपुर के डीएम से शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर वहां के सरकारी अस्पताल में पैनल द्वारा शव दोबारा पोस्टमार्टम किया। यहां मौत का कारण सि र पर लगी चोट बताया गया। 14 अगस्त को मृतक के परिजनों ने सुलतानपुर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करवा दिया। दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का अलग-अलग कारण बताए जाने पर डबुआ थाना पुलिस ने बीके अस्पताल की पीएमओ को पत्र लिखकर दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मेडिकल राय मांगी है। पुलिस के पत्र को 15 दिन बीत जाने के बाद भी बीके अस्पताल की तरफ से मेडिकल राय नहीं दी गई है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बीके अस्पताल में पोस्टमार्टम के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की गई है। मामले की जांच कर रहे एसआई नरपत सिंह का कहना है कि 16 अगस्त को बीके अस्पताल के अधिकारियों को मेडिकल राय के लिए पत्र लिखा गया था। वे अभी मेडिकल राय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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