फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: अस्पताल में 74 व्हील चेयर, फिर भी मरीज सहारे के मोहताज

विज्ञापन
विज्ञापन
समुचित प्रबंधन नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रही सुविधा
विज्ञापन


चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को गोद में उठाकर या सहारा देकर ले जाना पड़ता है

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में 74 व्हील चेयर उपलब्ध होने के बावजूद जरूरतमंद मरीजों को समय पर यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर कई बार व्हील चेयर खोजने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में बुजुर्ग, गंभीर और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को गोद में उठाकर या सहारा देकर एक वार्ड से दूसरे वार्ड और जांच केंद्र तक ले जाना पड़ता है।

अस्पताल में स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 18, रेडक्रास सोसाइटी की ओर से 11 और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा 45 व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई हैं। कुल 74 व्हील चेयर होने के बावजूद इनका समुचित प्रबंधन नहीं होने से जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है। कई व्हील चेयर अलग-अलग वार्डों में खड़ी रहती हैं, जबकि कुछ का उपयोग होने के बाद उन्हें निर्धारित स्थान पर वापस नहीं रखा जाता। इसका खामियाजा नए मरीजों को उठाना पड़ता है।
विज्ञापन


सेक्टर-22 निवासी रामकिशन अपनी बुजुर्ग मां को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि काफी देर तक व्हील चेयर नहीं मिली। मजबूरी में उन्हें अपनी मां को सहारा देकर जांच कक्ष तक ले जाना पड़ा। इससे मरीज को भी परेशानी हुई और उन्हें भी काफी दिक्कत उठानी पड़ी।

वहीं, बल्लभगढ़ निवासी प्रवेश शर्मा ने बताया कि उनके पिता की तबीयत खराब थी और चलना संभव नहीं था। काफी तलाश के बाद भी व्हील चेयर नहीं मिली, इसलिए परिजनों ने उन्हें पकड़कर विभिन्न जांच कक्षों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वह जब भी अस्पताल आते हैं, उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन




अस्पताल में कुल 74 व्हील चेयर हैं और जरूरत के अनुसार मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं। कई बार एक ही समय में एक साथ कई मरीजों को व्हील चेयर की जरूरत होती है। कई बार ऐसा भी होता है कि उपयोग के बाद परिजन उपयुक्त जगह पर व्हील चेयर लाकर नहीं रखते हैं, जिससे समय पर जरूरतमंद को व्हील चेयर नहीं मिल पाती।
-़डॉ. एमपी सिंह, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें