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मातम में बदल गई रक्षाबंधन की खुशियां

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फरीदाबाद। खूनी झील में डूबने से हुई दोनों युवकों पंकज तिवारी और कुलदीप सिंह की मौत के कारण दोनों घरों में रक्षाबंधन का त्यौहार मातम में बदल गया। दोनों मृतक आर्मी में जाना चाहते थे। दोनों ही युवक आपस में पड़ोसी थे। पंकज की बहन शादी के बाद पहली बार भाई को राखी बांधने घर आई थी।
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लक्कड़पुर निवासी जयकृष्ण तिवारी और जगदीश चंद ने बताया कि उनके बेटे पंकज तिवारी और कुलदीप सिंह आर्मी में जाना चाहते थे। वह कई साल से इसकी तैयारी भी कर रहे थे। पंकज अपनी बड़ी बहन नेहा का इकलौता भाई था। कुछ महीने पहले ही जयकृष्ण तिवारी ने अपनी बेटी की शादी की थी। शादी के बाद नेहा पहली बार रक्षा बंधन मनाने घर आई थी। शनिवार से ही पंकज के गुम हो जाने से परिवार परेशान था। उसकी मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम छा गया। वहीं कुलदीप सिंह की बहन नहीं है उसका एक एक छोटा भाई है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
खूनी झील में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। चेतावनी के लिए लगाए गए बोर्ड के बावजूद लोग यहां नहाने के लिए आ जाते हैं। छह जुलाई 2020 को लालकुंआ दिल्ली निवासी अमन (11) और समीर (14) की नहाते समय झील में डूबकर मौत हो गई। 11 जून 2020 को गुरुकुल के पास बनी दूसरी कृत्रिम झील में गांव पल्ला निवासी राजबीर की मौत हो गई। 10 जून 2020 को तुगलकाबाद दिल्ली निवासी सुनील और बंटी नाम के युवकों की मौत हो गई। छह जून 2020 को गांव अनंगपुर निवासी हर्ष (15) की झील में डूबने से मौत हो गई।
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