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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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फरीदाबाद। पुलिस ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अपराध शाखा थाना पुलिस ने एक महिला सहित गिरोह के दो बदमाशों को दस सितंबर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में अभिषेक हिमांशु, अभिषेक व एक महिला शामिल है। आरोपियों को अदालत में पेश करके चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि विभिन्न राज्यों में 300 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
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आरोपी क्विकर डॉट काम से व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करते थे, जिन्हें नौकरी की आवश्यकता होती है। आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2020 में लॉकडाउन के बाद उन्होंने इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया था। आरोपियों ने दिल्ली के गाजापुरी एरिया में अपना एक कॉल सेंटर खोल रखा था। आरोपी अभिषेक प्रतिदिन 50 लोगों को कॉल करके लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देता था। महिला आरोपी आरोही इस कंपनी में मैनेजमेंट का कार्य करती थी और वहीं इस गैंग का मुखिया इस कंपनी का मालिक है जो आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाता था।
आरोपी आवेदनकर्ता से संपर्क करते और उन्हें बड़ी कंपनियों में नौकरी लगवाने के सपने दिखाते। आवेदनकर्ता बड़ी कंपनी का नाम सुनकर लालच में आ जाते। रजिस्ट्रेशन के नाम पर 2500 रुपये चार्ज करते और बाद में आरोपी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नेशनल करियर सर्विस या डिजिटल करियर सर्विस के नाम से बनाई गई अपनी फर्जी ईमेल आईडी से आवेदनकर्ता को ई-मेल भेजकर रजिस्ट्रेशन फीस, ऑनलाइन इंटरव्यू, अप्वाइंटमेंट लेटर व अन्य सेवाओं के नाम पर अलग-अलग रकम अपने फर्जी बैंक खातों में डलवा लेते थे। धोखाधड़ी करते हुए आरोपियों ने फरीदाबाद के सेक्टर 58 निवासी संजना से भी 88,600 रुपये ऐंठ लिए। जिसकी शिकायत पीड़िता ने फरीदाबाद के थाना साइबर अपराध में की। थाना साइबर अपराध प्रबंधक प्रभारी बसंत कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
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पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि आरोपियों ने इस प्रकार देश में 300 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया है। जिसके बारे में संबंधित पुलिस थानों को सूचित किया जा रहा है। आरोपियों के फर्जी खातों में पिछले एक वर्ष के अंदर लगभग 70 लाख रुपये का लेनदेन होना पाया गया है। पुलिस जांच कर रही है। आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल, 12 सिम कार्ड, 5 कंप्यूटर और 16000 नगद बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपियों को अदालत में दोबारा पेश करके जेल भेज दिया गया है। चौथे साथी को पुलिस द्वारा तलाश करके जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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