फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रेटर फरीदाबाद की जर्जर सड़कें बढ़ा रहीं परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की खस्ताहाल सड़कें स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। सड़कों पर गड्ढे होने के कारण आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। सेक्टर-75/76 में करीब दो किलोमीटर की सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है। ऐसा नहीं है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और फरीदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद में सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब है। सेक्टर-76 स्थित डीपीएस चौक से भगवान कृष्ण चौक तक सड़क तीन महीने से क्षतिग्रस्त है। लोगों का आरोप है कि सड़क की कभी मरम्मत नहीं कराई गई। डब्ल्यूएस मॉल चौक से सेक्टर-75/76 तक दो किमी की दूरी और सेक्टर-76 पुलिस स्टेशन और बीपीटीपी नेक्स्ट डोर मॉल के आसपास की सभी कनेक्टिंग पेरिफेरल सड़कें खराब हो गई हैं। लोगों ने कहा कि सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इस कारण सड़क पर रोजाना कोई न कोई व्यक्ति गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहा है।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारी सड़कों की समस्या को लेकर कई बार एचएसवीपी, उपायुक्त, केंद्रीय राज्यमंत्री व विधायक को भी शिकायत कर चुके हैं। स्थानीय निवासी जयंत कुमार मोहंती ने बताया कि ग्रेफ की ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उनका कहना है कि सड़क व बिजली जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

15 साल पहले हमें बताया गया था कि नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद बसाया जा रहा है। लोगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी। अच्छी सड़कें, सीवर और पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन, एक दशक बाद भी सुविधाओं का अभाव है।
- राजीव भारद्वाज, अध्यक्ष बीपीटीपी पार्क फ्लोर-2
नाम ग्रेटर फरीदाबाद है, लेकिन नाम के मुताबिक कुछ नहीं। सड़कों की हालत खस्ता है, धूल उड़ती है। पिछले दो साल से सड़कों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। शाम ढलते ही सड़के अंधेरे में डूब जाती हैं।
-चेतन भारद्वाज, अधिवक्ता
मैंने हाल ही में पदभार संभाला है। ग्रेटर फरीदाबाद में खस्ताहाल सड़कों की जांच कराई जाएगी। बारिश के बाद सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। लोगों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन

- अजीत सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें