निगम की तरफ से भी दर्ज करवाई जाएगी एफआईआर, कई स्तरों पर हो रही जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जीवन नगर स्थित प्रतापगढ़ एसटीपी में दो सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। नगर निगम की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस कार्य के लिए मशीन का इस्तेमाल होना था वहां मशीन खराब होने के बावजूद कर्मचारियों को टैंक में उतारकर कराया गया। निगम अधिकारियों का मानना है कि यदि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार की लंबित भुगतान राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी है। मृतक के परिजनों की शिकायत के अलावा निगम की ओर से भी संबंधित एजेंसी के खिलाफ अलग से पुलिस में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच अब कई स्तरों पर की जा रही है।
एक दिन पहले जारी हुआ था नोटिस
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्रतापगढ़ एसटीपी में समय पर सफाई नहीं होने से सीवर का पानी बैक मार रहा था जिससे आसपास के क्षेत्र प्रभावित होने लगे थे। इस पर निगम ने हादसे से एक दिन पहले ही ठेकेदार को नोटिस जारी कर तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ठेकेदार के पास सफाई के लिए उपयोग होने वाली मशीन खराब थी। मशीन को ठीक कराने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय कर्मचारियों को सीधे एसटीपी के अंदर उतार दिया गया। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई।
किसी व्यक्ति को उतरने की जरूरत ही नहीं थी
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की सफाई के लिए मशीनों की व्यवस्था की गई है और सामान्य परिस्थितियों में किसी कर्मचारी को टैंक के अंदर उतरने की आवश्यकता नहीं होती। यदि मशीन उपलब्ध न हो तो पहले उसे ठीक कराया जाना चाहिए था या वैकल्पिक मशीन की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों के विपरीत कर्मचारियों को जोखिम भरे वातावरण में भेजना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
तीन एसटीपी का काम देख रही है एजेंसी
सूत्रों के अनुसार संबंधित ठेकेदार प्रतापगढ़ एसटीपी के अलावा मिर्जापुर के दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की संचालन एवं सफाई व्यवस्था भी संभाल रहा है। ऐसे में इस हादसे के बाद इन परियोजनाओं में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की संभावना बढ़ गई है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन सामने आता है तो एजेंसी के खिलाफ और भी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले को लेकर निगम की तरफ से भी एफआईआर करवाई जा रही है। मशीन से सफाई होनी थी इसमें सफाई कर्मियों को उतारना गंभीर लापरवाही है। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम