ज्ञान भारतम् मिशन के तहत धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों का होगा व्यापक सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने प्राचीन पांडुलिपियों, वंशावलियों और ऐतिहासिक अभिलेखों की खोज अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने ज्ञान भारतम् मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस कार्य को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी ने कहा कि जिले के मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों, जैन मंदिरों, मदरसों, आश्रमों, डेरे और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक संस्थानों में वर्षों पुराने दस्तावेज और पांडुलिपियां सुरक्षित हो सकती हैं। ऐसे दस्तावेज जिले के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संस्थानों के प्रबंधकों, महंतों, इमामों, पुरोहितों और पुराने परिवारों से संपर्क स्थापित कर उपलब्ध सामग्री की जानकारी जुटाएं। विशेष रूप से उन परिवारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया गया जिनके पास पीढ़ियों से वंशावली और ऐतिहासिक रिकॉर्ड सुरक्षित हैं। एडीसी ने कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन ज्ञान परंपरा को संरक्षित करना है। फरीदाबाद में भी इस दिशा में व्यापक अभियान चलाया जाएगा ताकि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में शामिल किया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। किसी भी दस्तावेज को बिना सहमति के नहीं लिया जाएगा। केवल उसकी जानकारी और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, दस्तावेज, वंशावली या ऐतिहासिक रिकॉर्ड है तो उसकी जानकारी प्रशासन अथवा ज्ञान भारतम् पोर्टल के माध्यम से साझा करें।