-वारदात के बाद बगैर किसी को सूचना दिए अंतिम संस्कार के लिए ले गया था शव
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दहेज के लिए पत्नी की हत्या के आरोपी दीपक को जिला अदालत से राहत नहीं मिली। बल्लभगढ़ निवासी दीपक के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दायर कर दलील दी कि इसे केस में गलत फंसाया गया है और ये बेकसूर है। दोनों ने प्रेम विवाह मंदिर में किया था और कभी दहेज नहीं मांगा गया। उल्टे, ससुराल पक्ष वाले ही रुपयों की मांग अलग-अलग बहाने से करते थे। पत्नी के नाम पर मकान खरीदकर अगस्त 2023 में उसकी रजिस्ट्री भी कराई थी।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि शादी के लगभग 3 साल बाद ही विवाहिता की मौत हो गई। मौत से पहले दहेज के लिए उसे परेशान किया गया। मृतका के परिवार को सूचना दिए बगैर ही अंतिम संस्कार का प्रयास किया गया। पुलिस ने श्मशान घाट से ही शव को कब्जे में लेकर बाद में पोस्टमार्टम कराया। दोनों पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। आदर्श नगर थाना में एफआईआर 1 अक्तूबर 2025 को दर्ज हुई थी। मृतका गुंजा कुमारी की शादी 8 जुलाई 2022 को दीपक से हुई थी। शादी के करीब तीन साल के भीतर 30 सितंबर 2025 को गुंजा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को 6 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था।