फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना क्षेत्र में 30 मई 2017 को हुई एक महिला की हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह की कोर्ट ने मौसेरे भाई-बहन को दोषी मानते हुए उम्रकैद और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। लीगल सेल के अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि मूलरूप से एटा की रहने वाली पूजा ग्रीन फिल्ड कॉलोनी में रहने वाले दलजीत के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। दलजीत शादीशुदा था। उसके कोई बच्चे नहीं थे। इस वजह से उसने पूजा के साथ लिवइन में रहना शुरू किया। इसी दौरान पूजा ने अपने गांव आरती नाम की एक युवती को ले आई। दलजीत पूजा को छोड़ कर आरती से प्यार करने लगा। दोनों ने कोर्ट में शादी भी कर ली।
इससे नाराज पूजा अपने मौसेरे भाई रवि शर्मा के साथ मिल कर आरती की हत्या की पटकथा लिख दी। रवि व पूजा दलजीत के घर 25-26 मई की रात पीछे के रास्ते से दाखिल हुए। यहां सो रही आरती को जगाया। उसके साथ मारपीट कर कोर्ट में शादी के पेपर जला दिए। इसके बाद दोनों भाई-बहन ने मिल कर आरती की दुपट्टे से गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद कॉलोनी के एक झाड़ी वाले प्लॉट में शव को फेंक दिया।
इसके बाद दलजीत से लड़ाई कर गांव चली गई। 30 मई 2017 को ग्रीन फिल्ड कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड सुशील मिश्रा निवासी दयालनगर फरीदाबाद को प्लॉट से बदबू आई। उसने आसपास के लोगों के मदद से झाड़ी में आरती का शव देखा। इसकी सूचना पुलिस को दे दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद पूजा व रवि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सोमवार को फरीदाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह की कोर्ट ने दोनों भाई-बहन को आरती के हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये का जुुर्माना लगाया।