पलवल। पंजाब के मशहूर गायक सिद्दू मूसेवाला की हत्या के तार गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई से जुड़े होने के बाद पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान पुलिस की एकाएक बढ़ी सक्रियता से गैंगस्टर व उनके गुर्गों के पलवल, फरीदाबाद, मेवात व गुरूग्राम में छुपे होने का अंदेशा पुलिस को है। पुलिस का मानना है कि लारेंस विश्नोई गैंग को पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांग धमकी देने वाला गैंगस्टर कौशल गैंग का राइट हैंड गैंगस्टर अमित डागर पलवल से है, ऐसे में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व दिल्ली से पुलिस डर के चलते छुपते घूम रहे गैंगस्टर व गुर्गे पलवल व मेवात के अलावा गुरूग्राम व फरीदाबाद में शरण ले रहे हैं। हालांकि अमित डागर फिलहाल पंजाब के माहौली में विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या कराने के मामले में पंजाब पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर लिया हुआ है तथा वहीं पर पुलिस रिमांड पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दूसरे राज्यों से मिल रही जानकारियों को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने पलवल, मेवात, फरीदाबाद व गुरूग्राम के पुलिस अधीक्षकों व आयुक्तों को इस तरफ नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अकाली दल के नेता विक्रमजीत उर्फ विक्की मिद्दूखेड़ा के लारेंस विश्नोई से संबंध थे। अगस्त 2021 में जब विक्की मिद्दूखेड़ा की पंजाब के माहौली में गोली मारकर हत्या की थी, जब लारेंस विश्नोई ने पंजाबी गायक सुखविंदर सिंह सिद्दू मूसेवाला को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। सूत्रों का कहना है कि उस समय विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या दिल्ली मंडौली जेल में बंद रहते हुए गैंगस्टर अमित डागर व भुप्पी राणा ने मूसेवाला के मैनेजर से सुपारी लेकर की थी। तब से ही लारेंस बिश्नोई व अमित डागर के बीच विवाद चल रहा है। सूत्रों के अनुसार इस बीच अमित डागर ने अपने आप को बड़ा गैंगस्टर बनाने के लिए लारेंस विश्नोई को ही धमकी देकर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांग ली थी। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि फिरौती न देने पर जब अमित डागर ने अपने गुर्गे राजस्थान के जयपुर में गाबर कंस्ट्रेक्शन कंपनी के एक अधिकारी लारेंस बिश्नोई के साथ संबंध रखने वाले की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी, तब लारेंस बिश्नोई ने पांच करोड़ रुपये की फिरौती भी अमित डागर को दे दी थी। तब से ही लारेंस व कौशल गैंग के अमित डागर के बीच विवाद चल रहा है। फिलहाल अमित डागर पंजाब में ही पुलिस रिमांड पर है।
अब मूसेवाला की हत्या के बाद जैसे ही लारेंस बिश्नोई ने हथियार डालने शुरू किए हैं, वैसे ही पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली की पुलिस के गैंगस्टरों के खिलाफ सक्रिय होते ही गैंगस्टरों ने उन राज्यों से सकुशल निकल सुरक्षित स्थान ढूंढना शुरू कर दिया है। गैंगस्टरों के इस तरह से राज्यों को छोड़कर भागने के बाद पुलिस को अंदेशा है कि गैंगस्टर अमित डागर व कौशल के संपर्क में होने के चलते पलवल, मेवात, फरीदाबाद व गुरूग्राम को सुरक्षित मान रहे हैं। मुखबिरों से पुलिस को भी यही जानकारियां मिल रही हैं। इन्हीं जानकारियों के चलते हरियाणा पुलिस टीमों ने भी इन क्षेत्रों में अपनी निगरानी बढ़ा दूसरे राज्यों से यहां आकर छुपे गैंगस्टरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अमित डागर के पलवल उसके गांव महेशपुर सहित उसके अन्य ठिकानों व उसके साथियों के यहां भी निगरानी बढ़ा दी है।
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अमित डागर के इन गुर्गों के ठिकानों पर है विशेष नजर
अमित डागर व कौशल गैंगस्टर से जुड़े उनके इन गुर्गे शार्प शूटर मनोज उर्फ मन्नू पन्हैड़ा व राहुल आमरू, टेकचंद खेड़ी, सचिन खेड़ी, हरेंद्र उर्फ हर्रो बेढा, हेमू करीमपुर, जग्गा चांदहद, नरेंद्र उर्फ मन्नू कुसलीपुर, दयाचंद उर्फ डीलर जाट बलई, कैलाश अलावलपुर, मनप्रीत जनाचौली, राहुल मानपुर, संदीप व गुलशन धतीर के ठिकानों पर पुलिस की पूरी नजर है। इनमें से अधिकांश जेलों में बंद हैं। बता दें कि अमित डागर के संबंध बंबीहा गैंग से हैं। इस गैंग का संचालन आर्मेनिया से गौरव उर्फ लक्की पटियाल करते हैं। अमित डागर का एक साथी नीरज फरीदपुरिया ही केवल जेल से बाहर है तथा वही आजकल अमित डागर व कौशल गैंगस्टर के गैंग की सारी गतिविधियों को बाहर रहते हुए चला रहा है।
----अनूप पाराशर-----