स्वयं निर्माण हटाने का दिया जा रहा समय, नोटिस लगते ही प्रभावित कॉलोनियों में अफरातफरी का माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई कार्रवाई के बाद अब जिले की 10 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। डीटीपी इंफोर्समेंट विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में मकानों और निर्माणों पर नोटिस चस्पा कर स्वयं अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। नोटिस लगते ही प्रभावित कॉलोनियों में अफरातफरी का माहौल बन गया है और लोगों को अपने आशियाने उजड़ने का डर सताने लगा है।
विभाग की इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में लोगों को सूचना देकर स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया जा रहा है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जीवन नगर से मांगर तक नोटिस, लोगों में बढ़ी बेचैनी
डीटीपी इंफोर्समेंट ने जीवन नगर पार्ट-2, गौंछी, दीपावली एन्क्लेव, पंचशील कॉलोनी, गोठड़ा मोहब्बताबाद, मांगर सहित 10 से अधिक अवैध कॉलोनियों में घरों और दुकानों पर नोटिस चस्पा किए हैं। इनमें संबंधित लोगों को अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस लगने के बाद कॉलोनियों में पूरे दिन इसी मुद्दे पर चर्चा होती रही। कई परिवार अपने मकानों और दुकानों के भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दिए। बड़ी संख्या में लोग समाधान की उम्मीद लेकर प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर के निवास भी पहुंचे लेकिन वहां उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
नेहरू कॉलोनी की कार्रवाई के बाद बढ़ा डर
कुछ दिन पहले नगर निगम द्वारा नेहरू कॉलोनी में की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई का असर अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि डीटीपी विभाग की नई कार्रवाई ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर अपने घर बनाए हैं। अब नोटिस मिलने के बाद उन्हें हर समय कार्रवाई का भय सता रहा है। कई लोगों ने विभागीय अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और राहत देने की मांग की है, जबकि कुछ परिवार कानूनी सलाह लेने में जुट गए हैं।
हमें पता ही नहीं था कि कॉलोनी अवैध है
स्थानीय निवासियों का कहना है कि संपत्ति खरीदते समय उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि संबंधित कॉलोनी अवैध श्रेणी में आती है। अधिकांश लोगों का कहना है कि उन्होंने बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों के भरोसे जमीन या मकान खरीदा था। अब विभागीय कार्रवाई का सामना उन्हें करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि कॉलोनियां नियमों के विपरीत विकसित हो रही थीं तो शुरुआती स्तर पर ही उन्हें रोका जाना चाहिए था। वर्षों बाद कार्रवाई होने से हजारों परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
पहले नोटिस फिर नियमानुसार कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जिले में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल नोटिस देकर संबंधित पक्षों को जानकारी दी जा रही है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि यदि लोगों ने निर्धारित समय में स्वयं निर्माण नहीं हटाए तो आने वाले दिनों में इन कॉलोनियों में भी बड़े स्तर पर बुलडोजर अभियान चलाया जा सकता है।
लोगों की नजर सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर
नोटिस जारी होने के बाद प्रभावित कॉलोनियों के हजारों परिवार अब सरकार और प्रशासन के अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। एक ओर विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की बात कह रहा है वहीं दूसरी ओर आम लोग अपने घरों को बचाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक विषय बन सकता है।
अवैध कॉलोनियों में नोटिस चस्पा किए गए हैं, जिससे लोग अपने निर्माण स्वयं हटा लें। इसके बाद कानून के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा।- यजन चौधरी, डीटीपी इंफोर्समेंट