फरीदाबाद। प्रॉपर्टी डीलर मनोज भाटी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में हत्या के और कारण भी सामने आए हैं। मनोज भाटी की करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन यमुना के किनारे है। उस जमीन पर एक स्थानीय नेता ने प्लॉटिंग शुरू कर दी। इस बात को लेकर भाटी व नेता की कई बार तकरार भी हुई थी। आरोपी मनोज मांगरिया की बहन की शादी नेता के परिवार में हुई है। मांगरिया ने भाटी को जमीन के मसले में पीछे हटने के लिए धमकी दी थी। जिस पर भाटी व मांगरिया की बहस भी हुई। इसके अलावा भाटी मांगर गांव निवासी पवन व मनोज मांगरिया के झगड़े में भी काफी सक्रियता दिखा रहा था। स्थानीय नेता एक केंद्रीय मंत्री का काफी करीबी माना जाता है।
हत्या में शामिल दो शूटर यूपी से गिरफ्तार
मनोज भाटी हत्याकांड में क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 व 17 की टीम ने यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर दो शूटरों को काबू किया है। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर यूपी के मुजफ्फरनगर खतौली से आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों की पहचान अजय फौजी और बिट्टू के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि दोनों हत्याकांड में मुख्य शूटर हैं। इनका संबंध यूपी के कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी से बताया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम दोनों को लेकर फरीदाबाद के लिए रवाना हो गई। सुबह टीम उन्हें लेकर यहां पहुंचेगी। बृहस्पतिवार को गांव अमीपुर निवासी मनोज भाटी की सेक्टर-31 श्रमिक विहार में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसमें मुख्य आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर है।