बीपीटीपी पार्क एलीट फ्लोर्स सोसाइटी के पीई ब्लॉक में गेट लगाने को लेकर विवाद
बीपीएमएस से लिखित जवाब और पहले मिली मंजूरी पर काम शुरू कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-77 स्थित बीपीटीपी पार्क एलीट फ्लोर्स सोसाइटी के पीई ब्लॉक की लेन-2 में सुरक्षा गेट लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोसाइटी वासियों का आरोप है कि बीपीएमएस प्रबंधन ने पहले गेट लगाने की अनुमति दी, लेकिन बाद में अपने फैसले से पीछे हटते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय से मंजूरी लेने की जिम्मेदारी उन पर डाल दी।
इससे लेन में रहने वाले करीब 25 से 30 परिवारों में नाराजगी है। निवासियों ने प्रबंधन से पहले जारी अनुमति पर काम आगे बढ़ाने और निर्णय बदलने का लिखित कारण बताने की मांग की है। निवासियों के अनुसार, लेन-2 एक डेड-एंड रास्ता है, जहां केएलजे की ओर से अनधिकृत प्रवेश और लावारिस पशुओं के आने की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए उन्होंने प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गेट लगाने का प्रस्ताव रखा था। उनका दावा है कि बीपीएमएस ने 24 सितंबर को इसकी आधिकारिक मंजूरी जारी की थी। अनुमति में दी गई शर्तों और अंडरटेकिंग के अनुसार निवासियों ने जरूरी सहमति भी पूरी कर ली थी।
दूसरे हिस्से में गेट, यहां क्यों अड़चन
निवासियों ने सवाल उठाया कि परिसर में पीई -83 से पीई -116 और पार्क की ओर स्थित यूनिट्स के बीच भी गेट लगाया गया है, तो उनकी लेन में गेट लगाने को लेकर आपत्ति क्यों की जा रही है। उनका कहना है कि गेट का पूरा खर्च निवासी स्वयं उठाने को तैयार हैं। ऐसे में पहले अनुमति देने और फिर काम रुकवाने से उनका समय, पैसा और प्रबंधन पर भरोसा प्रभावित हुआ है।
कॉमन एरिया रखरखाव शुल्क देने के बाद भी सुरक्षा के लिए चक्कर
निवासियों का कहना है कि वे नियमित रूप से कॉमन एरिया रखरखाव शुल्क देते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि जिला उपायुक्त कार्यालय से अतिरिक्त अनुमति जरूरी है, तो बीपीएमएस प्रबंधन संबंधित विभाग से समन्वय कर स्थिति स्पष्ट करे। साथ ही, बीपीटीपी प्रबंधन इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान कराए। निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी विशेष सुविधा या अनुचित लाभ की नहीं, बल्कि परिवारों की सुरक्षा से जुड़ी है। वे चाहते हैं कि पहले दी गई मंजूरी और बाद में काम रोकने के फैसले पर प्रबंधन लिखित जवाब दे, ताकि विवाद का जल्द समाधान हो सके।
निवासियों से बातचीत
लेन में अनधिकृत प्रवेश और लावारिस पशुओं की आशंका बनी रहती है। गेट लगने से यहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा बेहतर हो सकती है। - नवनीत, निवासी
यदि किसी अन्य विभाग की अनुमति जरूरी है, तो प्रबंधन को संबंधित अधिकारियों से समन्वय करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। - राजबीर, निवासी
हम गेट का खर्च खुद उठाने को तैयार हैं। हमारी मांग है कि अनावश्यक देरी के बिना सुरक्षा से जुड़े इस काम का समाधान किया जाए। - अमोद, निवासी
लावारिस पशुओं के सोसाइटी में प्रवेश करने से हम परेशान हो चुके हैं। हमारी मांग है कि इस पर जल्द कार्रवाई कर हमें राहत दी जाए। - रमेश, निवासी