फरीदाबाद। न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (एनआईटी) में चौड़ी सड़कें, एफओबी और फुटपॉथ समेत अन्य सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए पेरिफेरल रोड बनाई गई है। लेकिन, प्रोजेक्ट का कार्य पूरा नहीं होने से लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी एफओबी, सड़क के दोनों ओर फुटपॉथ समेत अन्य कार्य बचे हुए हैं। प्रोजेक्ट की विजिलेंस जांच होने के कारण बचे काम रुके पड़े हैं।
शहर के लोगों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए सीएम घोषणा के तहत 102 करोड़ की लागत से एनआईटी में 13 किलोमीटर पेरिफेरल रोड (रिंग रोड) बनाने का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। इसके तहत नीलम से बाटा चौक, बाटा से हार्डवेयर चौक, हार्डवेयर से बीके चौक, बीके चौक से शहीद भगत सिंह चौक होते हुए नीलम चौक तक की सड़क को चौड़ा किया जा चुका है। इसके अलावा नीलम-बाटा रोड की सर्विस लेन के अलावा ड्रेनेज का काम भी पूरा हो चुका है। लेकिन, अभी कई काम अधूरे हैं। जिस मकसद से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था, वह पूरा नहीं हो सका।
एनआईटी में सड़क के दोनों ओर पर्याप्त जगह होने के बावजूद फुटपॉथ, साइकिल ट्रैक और रेलिंग जैसे कई कार्य अभी तक नहीं हो सके। ऐसे में सिक्स लेन के सड़क का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अभी करीब नौ किलोमीटर सड़क पर कहीं फुटपाथ भी नहीं बनाया गया।
बनाए जाने हैं सात एफओबी
पेरिफेरल रोड पर कई जगहों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और साइकिल ट्रैक बनाने का प्रावधान है। इसके साथ ही रोड पर जाम की समस्या दूर करने और लोगों की सुविधा सात एफओबी बनाए जाने हैं। इसमें मुख्य रूप से बीके चौक, बीके से नीलम चौक के बीच में, हार्डवेयर चौक, एक-दो नंबर चौक, बाटा चौक, दयानंद कॉलेज के सामने और शहीद भगत सिंह चौक पर एफओबी बनाने थे। एफओबी बनने से जाम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीके चौक, नीलम चौक, एनआईटी एक नंबर चौक पर सुबह शाम जाम लगता है।
कई काम अधूरा
इस सड़क के दोनों तरफ नाला तैयार किया जाना था, जिसे पूरा नहीं किया गया है। कई जगह नाले का काम अधूरा है। नाले के अलावा सड़क के दोनों तरफ सर्विस लेन और साइकिल ट्रैक भी बनाया जाना था, लेकिन काम पूरे नहीं हुए। जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। पेरिफेरल रोड के कुछ नमूने लिए थे।
ठेकेदार को जारी नोटिस
नगर निगम के मुख्य अभियंता रामजी लाल का कहना है कि पेरिफेरल रोड का निर्माण कर रहे ठेकेदार को कई बार नोटिस जारी किए का चुके हैं। इसकी विजिलेंस जांच चल रही है। ऐसे में काम रुका पड़ा है। काम पूरा करने के लिए ठेकेदार से कहा गया है।