संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पिछले कई वर्षों से बाटा मुजेसर रोड अंधेरे में है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में यहां से वाहनों और नौकरी-पेशा लोगों का आवागमन होता है। अंधेरे के कारण जहां एक ओर लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर छीनाझपटी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। लोगों ने समाधान की मांग की है।
राहगीरों के मुताबिक बाटा मुजेसर रोड पिछले करीब चार चार वर्षों से अंधेरे की गिरफ्त में है। सड़क बल्लभगढ़ विधानसभा का हिस्सा है। यहां से सेक्टर-22-23, 24, संजय कॉलोनी, मुजेसर, ऑटोपिन, इंद्रा कॉलोनी और सोहना रोड सहित अन्य हिस्सों में जाने के लिए गुजरते हैं। सड़क पर अंधेरा होने के कारण लोगों को बेहद परेशानी हो रही है। इस संबंध में कई बार विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। मुजेसर निवासी भगत, रोहित और राहुल ने बताया कि सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से बहुत दिक्कत होती है, अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। आसपास की कंपनियों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर निकलते हैं।
शाम ढलते ही छा जाता है अंधेरा, बढ़ रही हैं घटनाएं
नीलम चौक पर कॉरपोरेट कार्यालय में काम कर रहे ललित और पंकज ने बताया कि सड़क पर स्ट्रीट लाइट की मांग कई बार नगर निगम अधिकारियों से की जा चुकी है। किसी भी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अंधेरे का कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ने लगी हैं, आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। छीनाझपटी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। महिलाओं के मुताबिक शाम को आवागमन के दौरान असामाजिक तत्व छीना-झपटी और छींटाकशी करते हैं, अंधेरे का सहारा लेकर ये फरार हो जाते हैं। समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
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अधिकारी से बातचीत
सड़क का कुछ हिस्सा थर्मल की जमीन है, इसपर लाइट नहीं लगाई जा सकती है, उससे आगे की सड़क पर लाइटें लगी हुई है, थर्मल वालों ने अपने इस्तेमाल के लिए यह सड़क बनाई है। इसपर निगम लाइटें नहीं लगा सकता है।
- ओपी कर्दम, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम