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जहरीली हवा में सांस ले रहे लोग, एक्यूआई @406

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फरीदाबाद। ईंट भट्ठे हैं बंद, क्रशर जोन पर पाबंदी, 10 से 15 साल पुराने वाहन हो रहे जब्त। फिर भी औद्योगिक नगरी देश का सबसे प्रदूषित शहर है। लोगों का आरोप है कि यहां के अधिकारी प्रदूषण की रोकथाम के लिए जमीन पर कम, कागजों पर ज्यादा सक्रिय हैं। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। वह सांसों से जहर खींच रहे हैं। जर्जर सड़कों से उड़ रही धूल के गुबार से वह अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन संबंधित विभाग बस आगामी दिनों की योजना तैयार करने में व्यस्त हैं।
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दो दिन पहले ही प्रदूषण की रोकथाम के लिए लगाए गए अधिकांश प्रतिबंधों को हटा लिया गया था। बंद कंपनियों को चालू कर दिया गया है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को सड़क व भवन आदि के निर्माण कार्य चल रहे थे। ऐसे में एक बार फिर यहां का एयर क्वालिटी स्तर खराब, बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 406 दर्ज किया गया। इससे लोगों की सेहत खराब हो रही है। 406
इसलिए बढ़ रहा प्रदूषण
फरीदाबाद में अधिकांश सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा कई ऐसे सड़क हैं, जहां वाहनों के आवागमन के दौरान धूल उड़ रही है। इससे शहर की आबोहवा खराब हो रही है। नगर निगम का दावा है कि उनके द्वारा रोजाना करीब 27 टैंकर से 104 किलोमीटर तक पानी का छिड़काव किया जा रहा है। बावजूद शहर की अधिकांश सड़कों से धूल उड़ रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
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जस की तस बनी है जाम की समस्या
प्रदूषण की रोकथाम के लिए सड़कों पर वाहनों की भीड़ को कम करने का आदेश है। लेकिन शहर के अधिकांश सड़कों पर रोजाना घंटों जाम लग रहा है। इससे भी प्रदूषण में इजाफा हो रहा है। जानकारी के अनुसार शहर में रोजाना दो लाख से अधिक वाहनों का परिचालन हो रहा है। इसके अलावा सख्त हिदायतों के बावजूद शहर में रोजाना जमकर कूड़े जलाए जा रहे हैं। इससे भी प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
निर्माण कार्यों पर लगी पाबंदी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को जिले में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि प्रदूषण में कमी के चलते दो-तीन दिन पहले निर्माण कार्यों को चालू करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फिर से सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। हालांकि प्लंबर और बिजली संबंधित कार्यों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है।
नगर निगम की यह है योजना
नगर निगम के आयुक्त यशपाल यादव ने बताया कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से त्वरित कार्य किए जा रहे हैं। टैंकरों से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आगामी दिनों के लिए नगर निगम योजना बना रही है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए कूड़ा प्रबंधन को और मजबूत किया जा रहा है। योजना है कि जहां-जहां पार्क है, वहां स्थित नालियों व सीवर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर, उससे पानी शोधित कर पार्कों व उसके आसपास सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाए। इसके अलावा भी कई योजनाओं को तैयार किया जा रहा है।
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शाम छह बजे तक एक्यूआई
स्थान एक्यूआई
एनआईटी - 384
सेक्टर 11 - 462
सेक्टर16ए - 396
सेक्टर30 - 377
नाथू कॉलोनी - 288
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