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नुकीले हथियार से पेंटर की हत्या

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फरीदाबाद। लूटपाट के दौरान नुकीले हथियार से पेंटर की हत्या कर बदमाश शव ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर फेंक कर चले गए। घर न पहुंचने पर रात भर परिजन उसकी तलाश करते हुए परेशान रहे। सुबह शव मिलने पर वारदात की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को मॉर्चरी पर भिजवा दिया। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संत नगर निवासी हरिओम (38) पेंटर था। परिजनों के मुताबिक इस समय वह अर्जनगढ़ एयरफोर्स स्टेशन में पेंटिंग का काम कर रहा था। सोमवार की शाम काम खत्म करने के बाद हरिओम फ्रेंड्स कॉलोनी में रह रहे अपने जीजा ललित के घर चला गया। जहां से रात नौ बजे वह अपने घर जाने के लिए निकला था लेकिन काफी देर तक जब हरिओम घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता हुई। उसकी तलाश करते हुए परिजन रात भर परेशान रहे। हरिओम पेंटिंग का काम ठेकेदार मुकेश के सानिध्य में कर रहा था। मंगलवार सुबह गाड़ी से ठेकेदार मुकेश हरिओम को लेने के लिए उसके घर जा रहा था। इस दौरान मुकेश ने रास्ते में ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर हरिओम का शव पड़ा देखा। मुकेश के पेट में किसी नुकीले हथियार से वार करने के निशान थे। ठेकेदार मुकेश की सूचना पर मृतक हरिओम के परिजन पहुंच गए। वहीं जानकारी मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक बीके अस्पताल पहुंचाया। हरिओम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सेक्टर 16 चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा की उसकी हत्या किस चीज से की गई। फिलहाल मामला दर्ज कर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हत्या के दौरान हरिओम ने बदमाशों का किया था प्रतिरोध
मृतक हरिओम के कपड़े जगह-जगह से फटे हुए थे। देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि लूट-पाट के दौरान हरिओम ने बदमाशों का प्रतिरोध किया हो। जोर जबरदस्ती में बदमाशों ने नुकीला हथियार पेट में घोंप कर उसकी हत्या कर दी। हरिओम का शव ओल्ड रेलवे स्टेशन थोड़ी दूरी पर जहां पड़ा मिला था वहां पर खून के निशान तक नहीं पाए गए। ऐसे में हत्या कहीं और की गई और शव यहां लाकर बदमाशों ने फेंक दिया।
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सभी का चहेता और खुश मिजाज था हरिओम
मृतक हरिओम के बड़े भाई भगवान दास ने बताया कि उनके बाद हरिओम था, तीसरे नंबर पर नरेश और सबसे छोटा भाई सोनू है। हरिओम सभी भाइयों का चहेता था और बहुत खुश मिजाज था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। यह कहते हुए भगवान दास की आंखों से आंसू छलक आए।
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